मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों के नाम एक और 'पाती' लिखी. कांवड़ यात्रा को समरसता का महापर्व बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला है. यह करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र में जोड़ती है. मुख्यमंत्री योगी ने पाती में लिखा, ''भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ की भक्ति-एक है हर कांवड़िए की पहचान. पैदल चलते कदम अलग हो सकते है, लेकिन सभी का लक्ष्य सिर्फ महादेव का जलाभिषेक ही है. कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद गौण हो जाते हैं. कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति के समभाव और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है. तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता और एकता से राष्ट्र निखरता है. दिव्यांग शिवभक्तों का समर्पण देखकर मन श्रद्धा से भर उठता है.