रिया छाबड़ी ने कहा, "शायद इस जीत के पीछे मेरी पिछली हार का भी बड़ा योगदान है. पिछले साल मैं अपने कॉलेज के अध्यक्ष पद का चुनाव हार गई थी. उस हार का दर्द और उससे मिली सीख आज मेरे काम आई. अब अगले ही साल मैं DUSU में सचिव पद पर जीत हासिल कर चुकी हूं.