दिल्ली दिल वालों की नहीं रह गई है. जिंदगी इतनी बेरहम कि इंसान से ज्यादा यह ज़रूरी था कि गाड़ी को चैक कर लें. उसे कोई नुकसान तो नहीं हुआ. मोबाईल ही उठा लो कुछ पैसे तो मिल जाएंगे. जो खून से लथपथ पड़ा है उसका क्या? परिवार उजड़ रहा है उसका क्या?
(चेतावनी : यह चित्र विचलित करने वाले हैं)