घर में हो रहा था महामृत्युंजय पाठ... जानिए- आजमगढ़ में क्‍यों हुआ मौत का तांडव?

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  • प्रकाशित: सितम्बर 23, 2026

उत्‍तर प्रदेश के आजमगढ़ से पूजा के दौरान खूनी खेल ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है. एक ही परिवार के 5 लोगों की जान चली गई. अरोला थाना क्षेत्र के शंभुपुर गांव में मंगलवार शाम अरविंद के घर महामृत्युंजय पाठ चल रहा था. अरविंद के बड़े भाई का दो साल पहले मर्डर हुआ था, उसकी शांति के लिए 4 दिन से पाठ चल रहा था, आज समापन होना था. घर में पत्नी बबिता, बच्चे और दो पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा मौजूद थे. कल शाम आरती के समय अरविंद नशे में घर पहुंचा, पूजा देखकर भड़क गया. 
आरोप है पुजारियों से आधार कार्ड मांगने लगा, कहां से आए क्यों आए, क्यों पूजा करा रहे हो? इसी बात पर कहासुनी हो गई. पत्नी ने रोका तो आरोपी ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल / रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोलीबारी में पत्नी बबिता और दोनों पुजारियों महेंद्र पाठक, अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई. एक और पंडित साथ में था जो दीवार फांदकर भाग गया जान बच गई. 
वारदात के बाद आरोपी अपने 3 बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया. 7 से 8 घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच तनाव चला. पुलिस ने परिजनों के साथ समझाने की कोशिश की लेकिन आरोपी पुलिस को ही गोली मारने और बच्चों को मारने की धमकी देने लगा. आधी रात के बाद ATS कमांडो ऑपरेशन शुरू हुआ. 
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने बड़े बेटे 11 साल के शौर्य को भी गोली मार दी. गोली की आवाज पर पुलिस कमरे में घुसी तो आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग पुलिस पर शुरू कर दी, पुलिस ने चेतावनी देकर हवा में फायरिंग की फिर आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा में जवाबी फायरिंग की.
एनकाउंटर के बाद आरोपी अरविंद और उसका बेटा शौर्य घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए जहां दोनों की मौत हो गई. इस तरह कुल 5 मौतें- पत्नी, दो पंडित, बेटा और आरोपी खुद एनकाउंटर में ढेर हो गया.