कृषि कानूनों को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर एक बार फिर किसान संगठनों ने आपस में चर्चा की. बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों ने बताया कि हमने मीटिंग में तय किया है कि तीनों कानून को रद्द करे बिना नहीं मानेंगे.