उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में बेटे की संदिग्ध मौत के बाद एक पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पिता की जिद और सवालों के बाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दे दिए. कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की मौजूदगी में 17 वर्षीय मुरसलीम का शव कब्र से निकाला गया, जहां पिता भी पूरे समय मौजूद रहे.
मुनेश चौहान की रिपोर्ट...
संदिग्ध हालात में मिला था शव
यह मामला काशीपुर के नई बस्ती कटोराताल का है, जहां 17 वर्षीय मुरसलीम का शव 16 मई को घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला था. घटना के अगले दिन 17 मई को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया था. इसके बाद परिवार ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार शव को दफना दिया.
पिता को खटकने लगे सवाल
बेटे के शव को दफनाने के बाद भी पिता इमरान अली के मन में कई सवाल उठते रहे. उन्होंने बताया कि कमरे में खून के निशान और बेटे के सिर पर चोट के निशान देखकर उन्हें यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का लगने लगा. यही संदेह उनके लिए बेचैनी का कारण बन गया.
हाईकोर्ट पहुंची पिता की गुहार
हत्या की आशंका को लेकर पिता ने हाईकोर्ट में अपील की. उन्होंने कोर्ट के सामने उन सभी तथ्यों को रखा, जिनसे उन्हें शक हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दे दिए.
प्रशासन की मौजूदगी में निकाला शव
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आया. आज प्रशासन की टीम ने मुरसलीम के शव को कब्र से बाहर निकाला. इस दौरान फोरेंसिक टीम, मेडिकल अधिकारी, राजस्व विभाग और पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही. पूरी प्रक्रिया को तय प्रोटोकॉल के तहत परिजनों की मौजूदगी में किया गया.
प्रेम प्रसंग और धमकियों का आरोप
मृतक के पिता इमरान अली का कहना है कि उनके बेटे का एक लड़की से प्रेम प्रसंग था, जिसका लड़की के परिजन विरोध करते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को कई बार धमकी भी दी गई थी, हालांकि बेटे ने कभी यह बात घर पर खुलकर नहीं बताई थी. पिता का दावा है कि सिर पर चोट के निशान और कमरे में मिला खून इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह मामला आत्महत्या का नहीं है.
अब दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
अभय प्रताप सिंह उपजिलाधिकारी काशीपुर ने बताया कि फिलहाल शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.