उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र से लापता महिला ट्रेकर बबीता पांडे का 10 से कुछ भी पता नहीं चला है. नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली बबीता 29 मई की रात बेस कैंप गोई से लापता हो गई थी. उसकी तलाश में SDRF, NDRF, राजस्व विभाग समेत अन्य टीमें जुटी हुईं है. खोज अभियान में प्रशासन ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) उत्तरकाशी के अनुभवी पर्वतारोहियों की टीम को भी शामिल किया है. हेलीकॉप्टर समेत अन्य तकनीकी संसाधनों से भी बबीता को तलाश किया जा रहा है. उधर, बेटी के इंतजार में परिवार वालों की आंखो पथरा रहीं रहीं, मां का रो-रोकर बुरा हाल है. वे बार-बार बस एक ही प्रार्थना कर रही हैं कि उनकी बेटी जल्द ही सही सलामत वापस लौट आए.
दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र में बबीता पांडे की तलाश कर रही टीमें.
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हेलीकॉप्टर से भी की गई तलाश
बबीता पांडे की तलाश के लिए उत्तरकाशी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत दयारा बुग्याल, आसपास के जंगलों, गहरी खाइयों और संभावित ट्रैक मार्गों पर बबीता की तलाश की जा रही है. खोज अभियान में आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों को लगाया गया है. हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कराकर दयारा बुग्याल और आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है. हालांकि, इस सब के बाद भी अब तक सफलता नहीं मिल सकी है.
हेलीकॉप्टर से भी की जा रही बबीता पांडे की तलाश.
मां और भाई भी रूस्क्यू टीम के साथ मौजूद
खोज अभियान में शामिल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) उत्तरकाशी के अनुभवी पर्वतारोहियों दुर्गम क्षेत्रों में बबीता को तलाश रहे हैं. बबीता पांडे की मां और भाई भी रेस्क्यू टीमों के साथ दयारा क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि बबीता की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है, सभी संभावित स्थानों पर लगातार उसे खोज जा रहा है.
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लापता बबीता पांडे की मां का रो-रोकर बुरा हाल.
(उत्तरकाशी से जगमोहन सिंह की रिपोर्ट)