उत्तराखंड वालों का खत्म हुआ इंतजार, जानें कब और किन जगहों पर होगी बारिश और बर्फबारी?

Uttarakhand Rain Snowfall: उत्तराखंड के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं कि कब आसमान से बारिश और बर्फबारी हो. लेकिन 15 जनवरी  2026 तक फिलहाल बारिश और बर्फबारी प्रदेश में नहीं हुई है. बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र का यह पूर्वानुमान कुछ राहत ला सकता है.

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उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का इंतजार खत्म (फाइल फोटो)
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  • उत्तराखंड में 4 महीने से बारिश और बर्फबारी न होने से सूखी ठंड और जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं
  • मौसम विज्ञान केंद्र ने 16 से 21 जनवरी तक कई जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है
  • 34०० मीटर से ऊपर के इलाकों में बर्फबारी की संभावना अधिक है जबकि मैदानों में पाला पड़ने की भी आशंका बनी हुई है
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देहरादून:

पहाड़ों में बरसात और बर्फबारी नहीं होने से सूखी ठंड, बीमारी और जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई है. विशेषज्ञ भी अब चिंता जता रहे हैं. सरोवर नगरी नैनीताल में 4 महीने से बरसात और बर्फबारी नहीं होने से हर तरफ सूखा देखने को मिल रहा है. एक तरफ झील का जल स्तर पिछले वर्ष के मुकाबले कम हुआ है, साथ ही सूखे की वजह से प्राकृतिक स्रोतों पर भी असर देखने को मिल रहा है. लेकिन अब उत्तराखंड के लोगों के लिए खुशी की खबर है. जल्द बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी.

उत्तराखंड में एक बार फिर से मौसम बदलने वाला है. हालांकि लंबे समय से उम्मीद की जा रही थी की बारिश और बर्फबारी होगी लेकिन नवंबर दिसंबर साल 2025 का बिना बारिश और बर्फबारी के निकल गया. अब उत्तराखंड  मौसम विज्ञान केंद्र ने 16 जनवरी से 21 जनवरी तक हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. 

खत्म हुआ बारिश और बर्फबारी का इंतजार?

उत्तराखंड के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं कि कब आसमान से बारिश और बर्फबारी हो. लेकिन 15 जनवरी  2026 तक फिलहाल बारिश और बर्फबारी प्रदेश में नहीं हुई है. बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र का यह पूर्वानुमान कुछ राहत ला सकता है. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग बागेश्वर जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. हालांकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की भी संभावना है.

इन जिलों में बर्फबारी की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इन जिलों में 3400 मीटर या फिर उससे ऊपर ही क्षेत्र में बर्फबारी की संभावना है. वहीं 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग चमोली बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. साथ ही देहरादून हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कोरा और पर्वती क्षेत्र में पाला पड़ने की भी संभावना जताई है.

बारिश और बर्फबारी न होने से बढ़ी चिंता

वहीं डीएसबी कॉलेज के वनस्पति विभाग में प्रोफेसर ललित तिवारी ने भी बरसात, बर्फबारी और नमी की कमी को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सूखी ठंड की वजह से पर्यावरण पर सीधा असर पड़ रहा है. कोहरे का प्रकोप अब मैदानों के साथ-साथ पहाड़ों में भी दिखने लगा है. सूखे की वजह से जंगलों में आसानी से आग लग रही है, जिसकी वजह से जैव विविधता के साथ वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे है.

बीड़ी पांडेय अस्पताल के चिकित्सक ने जनता को ठंड से बचने के लिए खुद को गर्म रखने की सलाह दी है. साथ ही बीमार व्यक्ति को समय पर दवाई और अस्थमा के मरीज को समय पर पंप लेने की हिदायत दी है. डॉक्टर ने ये भी कहा कि सुबह और शाम को वॉक की बजाय दिन के समय वॉक करें, जिससे ठंड से बचाव हो सके.

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घट रहा नैनी झील का जलस्तर

सिचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक  पिछले साल 15 जनवरी 2025 तक नैनी झील में 84 फ़ीट 3 इंच जल स्तर था. जबकि 15 जनवरी 2026 तक 83 फ़ीट 7.5 इंच जलस्तर है, जो पिछले साल के मुकाबले 7.5 इंच कम है.

वहीं बरसात की बात करें तो 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक 2133 एम.एम. बरसात हुई थी. वहीं 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक 2344 एम.एम. बरसात हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 211 एम.एम. ज्यादा दर्ज की गई है.

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