- उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में 12 दिनों में लगभग सात लाख श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं
- इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी और सभी धामों के कपाट अप्रैल और मई में खुलेंगे
- केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक पंजीकरण हुए हैं, इसके बाद बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का स्थान है
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शंखनाद हो चुका है. श्रद्धा और भक्ति के इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में इस कदर उत्साह है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने के मात्र 12 दिनों के भीतर ही आंकड़ा 7 लाख (6,86,305) के करीब पहुंच गया है. जिस रफ्तार से पंजीकरण हो रहे हैं, उसे देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल 2025 का 51 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूट सकता है.
चारधाम यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां
इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है.
19 अप्रैल: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे.
22 अप्रैल: केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे.
23 अप्रैल: बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे.
23 मई: सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे.
पंजीकरण के चौंकाने वाले आंकड़े
पर्यटन विभाग द्वारा 6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई थी. आंकड़ों पर नजर डालें तो हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा रहे हैं.
6 मार्च को 123788
7 मार्च को 233191
8 मार्च को 303839
9 मार्च को 353416
10 मार्च को 401816
11 मार्च को 444739
12 मार्च को 482230
13 मार्च को 518863
14 मार्च को 553626
15 मार्च को 586379
16 मार्च को 618853
17 मार्च को 651933
18 मार्च को 686305 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं.
धाम वार पंजीकरण की स्थिति (18 मार्च तक)
अब तक के रुझानों में बाबा केदार की महिमा सिर चढ़कर बोल रही है. केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक पंजीकरण हुए हैं.
केदारनाथ: 2,29,295
बदरीनाथ: 2,02,622
गंगोत्री: 1,28,253
यमुनोत्री: 1,25,366
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और नई व्यवस्था
राज्य सरकार ने यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए 70% ऑनलाइन और 30% ऑफलाइन पंजीकरण का कोटा रखा है. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू होंगे. प्रमुख केंद्र हरिद्वार, ऋषिकेश, नया गांव और हरबर्टपुर होंगे. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की है ताकि श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से बचाया जा सके.
किन राज्यों से आ रहे सबसे ज्यादा श्रद्धालु?
बीते वर्ष 2025 में लगभग 51 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. इस बार भी यूपी, महाराष्ट्र, मप्र, गुजरात और राजस्थान ऐसे राज्य हैं, जहां से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं.














