- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक नशेड़ी पिता ने बेटी के लिए नशा छोड़ने की भावुक अपील प्रशासन से की
- डीएम अभिषेक पांडेय ने पिता की शिकायत पर नशे की दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी करवाई
- गढ़ और सिंभावली क्षेत्र में 7 मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी के दौरान नशीली दवाइयां जब्त की गईं
पिता तो बेटियों के हीरो होते हैं. चाहे पिता कोई नशेड़ी हो या अच्छी आदतों वाले, वह हमेशा ही अपनी बेटी के लिए रोल मॉडल बनना चाहते हैं. एक पिता अपनी बच्ची के लिए सबकुछ कर गुजरने को तैयार रहता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भी देखने को मिला है. पिता को नशे की लत है. वह अपनी बेटी की खातिर इस लत को छोड़कर सुधरना चाहता है, लेकिन हर गली और नुक्कड़ पर नशा उपलब्ध होने की वजह से वह नशे की आदत छोड़ ही नहीं पा रहा. जिसके बाद उनसे प्रशासन से एक ऐसी भावुक अपील कर डाली, जो दिल छू लेगी.
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पिता की गुहार पर डीएम का सख्त एक्शन
नशे के आदी व्यक्ति की भावुक गुहार ने प्रशासन को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. उसने डीएम अभिषेक पांडेय से गुहार लगाते हुए कह साहब अपनी बेटी के लिए जीना चाहता हूं. नशेड़ी पिता की इस भावुक अपील को सुनकर डीएम ने तुरंत एक्शन लेते हुए टीम गठित कर नशे के इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी कर दी.इस दौरान गढ़-सिंभावली क्षेत्र में 7 मेडिकल स्टोर्स पर छापे मारे गए. छापे में मेडिकल स्टोर्स पर नशीली ड्रग बिकती हुई मिलीं. परचून की दुकान पर भी नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद किया गया.
'मैं बेटी के लिए जीना चाहता हूं'
बच्ची का पिता पिछले कई सालों से नशीली दवाइयों और इंजेक्शन का आदी है. वह अपने साथ नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और सिरिंज लेकर डीएम के पास पहुंचा था. उनसे ये सभी चीजें डीएम अभिषेक को दिखाते हुए कहा, “साहब मेरी एक छोटी बेटी है, मैं मरना नहीं चाहता, बेटी के लिए जीना चाहता हूं. मेडिकल स्टोर्स पर नशे के इंजेक्शन बिक रहे हैं, इनकी बिक्री रुकवाइए वरना मेरे जैसे कई नौजवान बर्बाद हो जाएंगे.”
नशेड़ी पिता की भावुक अपील
इसे आप एक पिता की भावुक अपील भी समझ सकते हैं और एक नागरिक की शिकायत भी. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस, राजस्व और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की 6 सदस्यीय टीम गठित कर दी. टीम ने शिकायत करने वाले व्यक्ति को ग्राहक बनाकर मेडिकल स्टोर्स पर भेजा और नशीली दवाइयों की बिक्री की पुष्टि होने के बाद छापेमारी की. छापेमारी के दौरान गढ़ और सिंभावली क्षेत्र में 7 मेडिकल स्टोर्स पर रेड की गई,जहां कई दुकानों पर नशीली ड्रग्स की बिक्री होती पाई गई. एक मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस के चलता मिला, जबकि एक पर्चून की दुकान पर भी नशीली दवाइयों का स्टॉक बरामद हुआ.
छापेमारी में दुकानों से नशीले दवाएं बरामद
डीएम अभिषेक पांडेय ने बताया कि “जनसुनवाई के दौरान करीब 45 साल का एक व्यक्ति हमारे पास आया था, जिसने खुद को ड्रग एडिक्ट बताया. उसने कहा कि वह करीब 10 साल से प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवाइयों का नशा कर रहा है और अब अपनी छोटी बच्ची के लिए जिंदगी सुधारना चाहता है. उसकी सूचना के आधार पर मजिस्ट्रियल टीम गठित कर छापेमारी कराई गई. जांच में कई जगह बिना लाइसेंस और बिना डॉक्टर की पर्ची के शेड्यूल्ड ड्रग्स बेचे जाते मिले. ऐसे स्टोर्स को सील कर एफआईआर दर्ज की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस सस्पेंड कर शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं."
परचून की दुकानों पर खुलेआम बिक रही नशीली दवाएं
जांच में खुलासा हुआ कि जिन दवाइयों की खुलेआम बिक्री हो रही थी, वो शेड्यूल्ड ड्रग्स हैं और इन्हें सिर्फ डॉक्टर के पर्चे पर ही दिया जा सकता है. डीएम ने ऐसे मेडिकल स्टोर्स के ड्रग लाइसेंस निरस्त करने और बिना लाइसेंस दवा बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. साथ ही पूरे मामले में ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में नशे के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है.













