- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2026 को 54वां जन्मदिन मनाया.
- योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को पंचूर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में हुआ.
- 25 मार्च 2022 को पूर्ण बहुमत से दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 5 जून 2026 को 54वां जन्मदिन है. इस मौके पर उन्हें देशभर से शुभकामनाएं मिली हैं. गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को साधु-संतों ने भी जन्मदिवस पर अपना आशीर्वाद दिया है. योगी आदित्यनाथ पहली बार 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री बने थे और 25 मार्च 2022 को पूर्ण बहुमत से दूसरी बार चुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने फिर यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
सीएम योगी ने शुभकामनाओं के लिए जताया आभार
अपने जन्मदिन पर सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जन्मदिन के अवसर पर आप सभी के द्वारा व्यक्त किए गए स्नेह, शुभकामनाओं और आत्मीय शुभेच्छाओं के लिए हृदय से आभार. आप सभी का यह अपनत्व, विश्वास और स्नेह मेरी अमूल्य निधि तथा ऊर्जा का अक्षय स्रोत है. आपकी मंगलकामनाएं मुझे 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा और कल्याण के लिए अधिक समर्पण, संकल्प तथा ऊर्जा के साथ निरंतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.
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इन साधु-संतों ने दिया आशीर्वाद
जन्मदिन पर योगी आदित्यनाथ को जिन साधु-संतों ने आशीर्वाद दिया, उनमें अटल अखाड़े (श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा) के वर्तमान प्रमुख या आचार्य पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती, परम पूज्य सुधांशु महाराज, गाजियाबाद स्थित दुधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरि महाराज, श्री कालकाजी मंदिर (कालका पीठ) के पीठाधीश्वर और मुख्य महंत, महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज, मशहूर कथावाचक देवी चित्रलेखा तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष परम पूज्य रवींद्रपुरी महाराज आदि शामिल हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था. वे आजीवन अविवाहित (बाल ब्रह्मचारी) हैं. उन्होंने विज्ञान वर्ग से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है.उनके गुरु का नाम ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज है. योगी जी गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध 'श्री गोरक्षपीठ' (गोरखनाथ मंदिर) के पीठाधीश्वर हैं. वे धार्मिक पत्रिका 'योगवाणी' के मुख्य संपादक हैं और उन्होंने 'हठयोग: स्वरूप एवं साधना' तथा 'राजयोग: स्वरूप एवं साधना' जैसी पुस्तकें भी लिखी हैं. इसके अलावा वे शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा से जुड़ी चार दर्जन से अधिक संस्थाओं के निदेशक व संरक्षक हैं.
वे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से लगातार 5 बार सांसद चुने गए. 1998 (12वीं लोकसभा): मात्र 26 साल की उम्र में पहली बार सबसे युवा सांसद बने. 1999, 2004, 2009 और 2014: लगातार जीत दर्ज करते हुए गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति, विदेश मामलों और परिवहन व संस्कृति जैसी महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के सदस्य एवं अध्यक्ष रहे. इसके अलावा 19 मार्च 2017 से 25 मार्च 2022 तक (इस दौरान सितंबर 2017 से मार्च 2022 तक वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे). 25 मार्च 2022 को उन्होंने लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
मार्च 2022 से वे गोरखपुर शहर सीट सेउत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य (विधायक) हैं. उनकी रुचि शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा और आध्यात्मिक गतिविधियों में है. वैश्विक स्तर पर सनातन धर्म और विचारों के आदान-प्रदान के लिए उन्होंने अमेरिका, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, रूस, नेपाल और मॉरीशस सहित कई देशों की यात्राएं की हैं.
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