हमारे घरों में घुसकर नमाज...बरेली में हिंदू परिवार पलायन को क्यों हुए मजबूर? मुस्लिमों पर आरोप

विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज में ग्रामीणों का आरोप है कि मोहम्मदगंज गांव में हर जुम्मे को सामूहिक नमाज घरों में पढ़ी जाती है, लेकिन इसको लेकर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही. बीते शनिवार को भी घर में अवैध रूप से नमाज अदा की गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यूपी के बरेली जिले के मोहम्मदगंज गांव के कई हिंदू परिवारों ने गांव से पलायन करने का फैसला किया
  • मुस्लिम समुदाय के लोग जुम्मे की नमाज अब घरों में सामूहिक रूप से पढ़ रहे हैं जबकि मस्जिद नहीं है
  • पुलिस ने नमाज के वीडियो मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे ग्रामीण नाराज हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
बरेली:

यूपी के बरेली जिले के विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद गंज के कई हिंदू परिवारों ने गांव से पलायन करने की घोषणा की है.ग्रामीणों  का आरोप है कि मोहम्मदगंज गांव में हर जुम्मे को सामूहिक नमाज घरों में पढ़ी जाती है, लेकिन इसको लेकर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही. बीते  शनिवार को भी घर में अवैध रूप से नमाज अदा की गई और जब इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस भी उल्टा हिंदू पक्ष को ही दबाने में जुट गई,लिहाजा ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ का नोटिस लिख दिया ग्रामीणों की ओर से पलायन की घोषणा के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल 16 जनवरी 2026 को विशारतगंज के मोहम्मदगंज गांव में घर के अंदर अवैध रूप से सामूहिक नमाज पढ़ने का मामला प्रकाश में आया था और उसके बाद पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया था जिनका चालान करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया,तब लग रहा था कि यह मामला अब शांत हो गया,लेकिन एक माह बाद बिल्कुल वैसी ही घटना प्रकाश में आई है,जिसमें इस घर में मुस्लिम समुदाय के लोग सामूहिक नमाज अदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

जब यह वीडियो ग्रामीणों ने पुलिस को दिया तो पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की. इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में जमकर हंगामा किया और उसके बाद अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ होने का नोटिस लगा दिया. ग्रामीणों  का आरोप है कि गांव में कोई भी मस्जिद नहीं है और मुस्लिम समुदाय के लोग पड़ोस के गांव में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज पढ़ने जाया करते थे,लेकिन अब मोहम्मदगंज गांव में ही चोरी छुपे घरों में सामूहिक नमाज अदा की जा रही है.

 यह भी पढें-  आप कैसे आए भाई... NDA ज्वाइन करने पहुंचे मुस्लिम शख्स से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का ये कैसा सवाल? 

मुस्लिम पक्ष का क्या कहना है?

विशारतगंज के ग्रामीणों  का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग पुलिस की शय पर आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और हंगामा करते रहते हैं और हर जुम्मे को अलग-अलग घरों में एकत्र होकर जुम्मे की नमाज अदा करते हैं. अगर कानूनी रूप से देखा जाए तो सामूहिक नमाज मस्जिद या मदरसे के अलावा कहीं खुली जगह में नहीं हो सकती, लेकिन उसके बावजूद मोहम्मदगंज गांव में मुस्लिम समुदाय के लोग खुलेआम घरों में नमाज अदा कर रहे हैं,वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उन लोगों ने कोर्ट के आदेश पर नमाज पढ़ी थी. सभी लोग मिलजुल कर रहते हैं. कोई संगठन के लोग इन्हें समझा देते हैं, जिसके बाद ये लोग माहौल खराब कर रहे हैं.

 यह भी पढें-  क्या फिर साथ आएंगे सपा-बसपा? 'बहुजन समाज' और 'गठबंधन' पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान
 

एनडीटीवी की टीम जब इन घरों में पहुंची तो हिंदू समुदाय के लोगों ने अपने घरों के बाहर यह मकान बिकाऊ है का नोटिस लिखा था. जब ग्रामीणों से पूछा गया तो उसमें महिलाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि गांव में कभी भी नमाज अदा नहीं की जाती थी ,लेकिन और जब पुलिस प्रशासन भी उनकी अनदेखी कर रहा है तो मजबूरी में वह ग्रामीण अब गांव से पलायन कर लेंगे.साथ ही उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मदद की गुहार लगाई है. 
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Maduro को पकड़े जाने के बाद…America ने Indian Ocean में की एक और बड़ी कार्रवाई | Trump | BREAKING
Topics mentioned in this article