- उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है और अब तक लगभग 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं.
- मंत्रालय ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है.
- जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके बिल उसी मीटर की रीडिंग के आधार पर जारी किए जाएंगे.
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए अब नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है. अब तक प्रदेश में लगभग 80 लाख मीटर लगे हैं. लेकिन अब इससे ज़्यादा स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे. फिलहाल मंत्रालय ने 4 सदस्यीय समिति का गठन कर स्मार्ट मीटर्स को लेकर आ रही शिकायतों की जांच कराना शुरू कर दिया है. इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि आगे ये मीटर्स लगाने हैं या नहीं.
अब सवाल ये है कि जिनके घरों में पुराने मीटर्स की जगह नए स्मार्ट मीटर्स लग गए, उनका क्या होगा. क्या उनके घरों में वापस पुराने मीटर्स लगाए जायेंगे? जवाब है नहीं. जिनके घरों में स्मार्ट मीटर्स लग गए हैं, उनके घरों में उसी मीटर की रीडिंग के हिसाब से बिल आएगा. हालांकि, ऐसे ग्राहकों को सहूलियत देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, ताकि उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस ना करे.
Smart Meter : 200 रुपए का क्रेडिट लिमिट का विकल्प
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि कुछ शिकायतों और तकनीक को लेकर लोगों की जागरूकता की कमी की वजह से हमने तत्काल स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है. उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लग गए हैं, उनको लेकर मंत्री एके शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने पर 200 रुपए का क्रेडिट लिमिट का विकल्प दिया गया है.
पैसे खत्म होने पर तीन दिन का ग्रेस पीरियड
मंत्री एके शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर में रीचार्ज किए पैसे खत्म होने पर तीन दिन का ग्रेस पीरियड भी दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता की सप्लाई बंद करने से पहले पांच मैसेज भेजे जाएंगे. पहला रिचार्ज अमाउंट का 30 प्रतिशत राशि बचने पर, दूसरा 10 प्रतिशत पर, तीसरा पैसा खत्म होने के कगार पर आने पर, चौथा बैलेंस नेगेटिव होने पर और 5वां सप्लाई काटने पर सूचना देकर मैसेज से बताया जाएगा.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली का कनेक्शन 45 दिन तक रिचार्ज ना करने पर काटा जाएगा. साथ ही सार्वजनिक छुट्टी के दिन किसी के घर की बिजली आपूर्ति ना रोकने का भी आदेश दिया गया है. उन्होंने बताया कि ग्राहकों की KYC का काम भी तेजी से किया जा रहा है, क्योंकि कुछ ग्राहकों की और कुछ विभाग के कर्मचारियों की गलती से नंबर गलत भरे गए हैं. ऐसे में भविष्य में दिक्कत ना हो, इसके लिए केवाईसी का काम भी जारी है.
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