शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप- सत्ता डरा रही, गोरखपुर से शुरू की गोविष्टि यात्रा

Govishti Yatra in Gorakhpur: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरखपुर के सहारा स्टेट स्थित भारत माता मंदिर से 81 दिन की 'गोविष्टि यात्रा' शुरू की है. वह यात्रा के जरिए गोरक्षा का मुद्दा उठाएंगे.

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गोविष्टि यात्रा को रवाना करते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

Shankaracharya Avimukteshwaranand: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरखपुर के सहारा स्टेट स्थित भारत माता मंदिर से 'गोविष्टि यात्रा' की शुरुआत की है. यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी, जो हर दिन 5 विधानसभा से होकर गुजरेगी. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद यह यात्रा गोरक्षा के संकल्प और गो हत्या की रोकथाम के लिए निकाल रहे हैं. इस दौरान उन्होंने प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि सरकार हमें डरा रही है. हम गोरखपुर की निडर जनता को संबोधित नहीं कर पाए हैं, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस से प्रेस और जनता को संबोधित करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि गाय की हम सबको रक्षा करनी है. गाय को मारना तो दूर उसका किसी भी तरह अनादर नहीं कर सकते हैं.

पाकिस्तान के लोगों को उनकी सरकार सुनती है, लेकिन हमारी नहीं

उन्होंने कहा कि क्या पाकिस्तान में कोई अपने लिए मांग रखे तो क्या सरकार सुनेगी नहीं? क्या ईसाईयों की उनके देश में उनकी नहीं सुनी जाएगी, लेकिन भारत की सरकार गौमाता की रक्षा करने की बात नहीं सुनती है. इसका मतलब है कि भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं है और जो पार्टी सत्ता में है, वो भी हिंदू पार्टी नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में सिर्फ इंजन ही इंजन है, जहां आम जनता के लिए डिब्बा ही नहीं है. अगर है तो सिर्फ वो चापलूसों के लिए है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जनता के मन में भ्रम पैदा हो गया है कि सरकार हमारी प्रतिनिधि नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है. हम (जनता) सरकार हैं. आरोप लगाया कि उन्हें बहुत डराने की कोशिश की गई. कितने बड़े योद्धा आए, उन्हें परास्त कर दिया तो इन्हें परास्त करने में देर नहीं लगेगी.

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देश में 37 से ज्यादा कानून हिंदुओं के खिलाफ

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि देश में 37 से ज्यादा कानून हिन्दुओं के खिलाफ हैं. मंदिर तोड़े जा रहे हैं. भारत का मुसलमान, ईसाई धार्मिक होता है, लेकिन भारत का हिन्दू सेकुलर हो जाता है.

उत्तर प्रदेश उत्तर भारत के शंकराचार्य का प्रदेश है. इसलिए यहां पर उत्तर भारत के शंकराचार्य को बोलने का अधिकार है. दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में वहीं के शंकराचार्य बोलेंगे, वहां उनका (शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद) हक नहीं बनेगा. पश्चिम के शंकराचार्य ने कहा है कि वह भी किसी दिन इस गोविष्टि यात्रा में सम्मिलित होंगे.

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