उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले करोड़पति देवराज मलिक अपने बेटे आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली को हिंदू धर्म में वापस लौटाने के लिए बहुत कोशिश कर रहे हैं. उधर, मां भी जो अपने बेटे को लवकुश कहकर बुलाती है, उसके धर्म परिवर्तन से परेशान है, लेकिन बेटे ने हिंदू धर्म में वापसी से साफ इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि इस्लाम छोड़ने का सवाल नहीं बनता है. उधर, आयुष के परिवार ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए केस भी दर्ज कराया है, जिसको लेकर पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि आयुष ने आयुषी से ही निकाह किया था.
पूछताछ में आयुष ने किए कई खुलासे
जब पूछा गया कि क्या वो अब हिंदू धर्म में वापसी करेंगे तो बताया, "अगर आपने इस्लाम अपना लिया तो वापसी नहीं कर सकते हैं. मैंने शादी के लिए धर्म नहीं अपनाया है. अगर परिवार उससे दूर जाता है तो भी वह वापसी नहीं करेगा.' जब पूछा किस परिवार को अपनाएंगे तो बताया कि वह दोनों परिवार को अपनाएगा, क्योंकि उसके दोनों परिवार हैं. वह दोनों को मैंटेन करके चलेगा.
गिरफ्तार चांदनी
शामली में धर्मांतरण कर मुस्लिम बने आयुष मलिक ने कहा कि उस पर जब हिंदू धर्म में वापसी करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वह अब इस्लाम कबूल कर चुका है और अब हिंदू धर्म में वापसी करना उसके लिए बहुत बड़ी बात है और अब वह किसी भी हाल में हिंदू धर्म में वापसी नहीं करेगा, चाहे उसे पर कितना भी दबाव क्यों ना बनाया जाए.
चांदनी का पिता
2012 से बदल लिया धर्म
आयुष ने बताया कि वह स्कूल के समय से इस्लाम के बारे में सीखता आ रहा है. वर्ष 2012-13 से वह पूरी तरीके से इस्लामिक धर्म को मानने लगा है. उसने बताया कि इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मैंने अपने दिल की बात सुनी.
आयुष के धर्म परिवर्तन से परिवार वाले नाराज हैं, वो बेटे को हिंदू धर्म में वापस लौटने की कह रहे हैं और अपना बनने की बात कर रहे हैं. उधर, आयुष ने कहा कि वह अभी भी उनका ही है, ऐसा नहीं है कि अगर धर्म परिवर्तन कर लिया तो उनसे दूर हो गया.
पाकिस्तान के स्पीकर को सुनना पसंद
आयुष उर्फ अल ने बताया कि वह पाकिस्तान के इस्लामिक स्पीकर इसरार को सुनता हैं, क्योंकि उसकी बातों को लोग नहीं काटते हैं. वो उसे अच्छा लगता है.
मंदिर कभी नहीं गए, लेकिन नमाज रोज पढ़ रहे पर दिया ये जवाब
जब उससे पूछा गया कि वह पहले मंदिर नहीं जाता था, लेकिन अब नमाज पूरी तरह से पांच बार दिन में पढ़ रहा है तो बताया कि मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद मस्जिद जाना फर्ज हैं, हिंदू धर्म में मंदिर जाना कोई अनिवार्य नहीं है और मैं हिंदू धर्म को मानता नहीं था.
उसने बताया कि वह अभी चांदनी के साथ नहीं रहता है. जब घरवालों से चांदनी के साथ रहने की बात की तो परिवार वाले नाराज हो गए. बताया कि उसने परिजनों को कभी भी धर्म परिवर्तन के बारे में नहीं बताया था. उसने इसी साल फरवरी में बताया है. उन्हें तो सिर्फ और लोगों के जरिए पता चला था.
5 वर्ष पहले हुई चांदनी से मुलाकात
आयुष ने बताया कि जब उसकी मुलाकात चांदनी से तब भी वह इस्लाम को ही फॉलो कर रहा था. वह कंधे पर चोट लगने के बाद वक्त फिजियोथेरेपी के लिए फिजियोथैरेपिस्ट के यहां जाता था और वहीं पर चांदनी जॉब करती थी. उसी समय मुलाकात के बाद मोबाइल नंबर ले लिए और आपस में बात करने लगे. आयुष मलिक ने बताया कि उसने करीब 12 साल पहले इस्लाम धर्म अपना लिया था और तभी से वह इस्लाम धर्म में है और 4 साल पहले उसने चांदनी से शामली में ही निकाह कर लिया था, जबकि चांदनी से उसकी मुलाकात 5 वर्ष पहले हुई थी.
उसने बताया कि परिवार को इस्लाम अपनाने के बारे में परिवार को 12 साल तक इसलिए नहीं बताया, क्योंकि उसकी बहनों की शादी नहीं हुई थी और जब अब उसकी तीनों बहनों की शादी हो गई तो उसने अपने घर वालों के सामने चांदनी से निकाह करने और उसके द्वारा इस्लाम धर्म कबूल करने की बात बताई. वह चांदनी से निकाह के समय परिवार को लेकर नहीं गया था. आयुष मालिक ने अब अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया है और वह अपने डॉक्यूमेंट भी उसी नाम से बनवाने की बात कह रहा है.
(शामली से पंकज कुमार कपाड़िया की रिपोर्ट)