सौरभ हत्याकांड: डॉक्टर का पर्चा बदलकर खरीदा था बेहोशी का इंजेक्शन, कातिल बीबी को लेकर खौफनाक खुलासा

Saurabh Rajput Murder Case: रविवार को जांच अधिकारी उस दुकान तक पहुंचे जहां से मुस्कान ने बेहोशी का इंजेक्शन खरीदा था. इस दौरान कातिल बीबी को लेकर एक और खौफनाक खुलासा हुआ.

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Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के सौरभ राजपूत मर्डर केस में रविवार को एक और चौंकानेवाला खुलासा हुआ. दरअसल रविवार को जांच अधिकारी उस दुकान तक पहुंचे जहां से मुस्कान ने बेहोशी का इंजेक्शन खरीदा था. इस दौरान यह जानकारी सामने आई कि मुस्कान ने डॉक्टर का पर्चा बदलकर बेहोशी का इंजेक्शन खरीदा था. जांच अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति की हत्या करने से पहले बेहोशी वाली दवा खरीदने के लिए डॉक्टरी पर्चे में छेड़छाड़ की थी.  

उषा मेडिकल स्टोर से मुस्कान ने खरीदी की दवाएं

रविवार को मेरठ के ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा और उनकी टीम उषा मेडिकल स्टोर नामक एक दवा दुकान पर पहुंची. ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा ने कहा, "हमें पता चला कि वह इसी स्टोर से दवाइयां खरीद कर लाई थी. हम इस जगह की तलाशी ले रहे हैं और आरोपी द्वारा खरीदी गई दवा के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सभी बिक्री रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या दवा खरीदने से पहले डॉक्टर के पर्चे की जरूरत थी या इसे काउंटर पर बेचा जा सकता था." 

नियम उल्लंघन पर दुकान का लाइसेंस होगा खत्म

उन्होंने आगे बताया कि पिछले दो सालों में हुई सभी बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. किसी भी उल्लंघन के मामले में मामला दर्ज किया जाएगा. दुकान का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. ड्रग इंस्पेक्टर ने आगे बताया कि नींद की गोलियों जैसी एंटीडिप्रेसेंट दवाएं डॉक्टर के पर्चे के आधार पर बेची जाती हैं और मेडिकल स्टोर को ऐसी बिक्री का रिकॉर्ड रखना होता है.

हत्या से पहले सौरभ को नशीला पदार्थ दिया गया था

उल्लेखनीय हो कि 4 मार्च को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने अपने पति सौरभ राजपूत की चाकू घोंपकर हत्या कर दी और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, फिर उसके टुकड़ों को सीमेंट से ड्रम में बंद कर दिया. पुलिस ने बताया कि पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ को हत्या से पहले कथित तौर पर नशीला पदार्थ दिया गया था.

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दवा दुकानदार ने क्या कुछ बताया

हालांकि इस दौरान उषा मेडिकल स्टोर के मालिक अमित जोशी ने कहा, "पुलिस ने हमें बताया कि महिला ने हमारे स्टोर से दवा खरीदी थी. उसने हमें अपने मोबाइल फोन पर दवा का पर्चा दिखाया था और हमने उसी के आधार पर दवाइयाँ सौंप दीं. हम बिना पर्चा के ऐसी दवाइयाँ नहीं बेचते." 

4 मार्च को हत्या, 18 को सामने आई जानकारी

4 मार्च को अपराध करने के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश की छुट्टी मनाने चले गए, इस दौरान वे पीड़ित के परिवार को अपने फोन से संदेश भेजकर गुमराह करते रहे, पुलिस के अनुसार. 18 मार्च को हत्या का पता तब चला जब मुस्कान ने अपनी माँ के सामने अपना अपराध कबूल किया, जिन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी. मुस्कान और साहिल को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. सौरभ मर्चेंट नेवी का पूर्व अधिकारी था.

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सौरभ का सिर धड़ से अलग, हाथ कलाई से कटे हुए थे

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि सौरभ के दिल पर तीन बार बहुत जोर से वार किया गया था, जो लगातार और हिंसक हमले का संकेत देता है. डॉक्टरों में से एक ने कहा, "तेज लंबे चाकू के वार दिल के अंदर तक चुभ गए." पोस्टमार्टम से पता चला कि सौरभ का सिर धड़ से अलग था, दोनों हाथ कलाई से कटे हुए थे और उसके पैर पीछे की ओर मुड़े हुए थे, जिससे लगता है कि शव को ड्रम में फिट करने की कोशिश की गई थी. 

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