जनता की अदालत में जाएंगे...यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कहानी झूठी साबित होगी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं, उनपर POCSO के तहत कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में केस दर्ज है. उनके खिलाफ इस मामले में आशुतोष ब्रह्मचारी शिकायतकर्ता हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
swami avimukteshwaranand
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिगों से यौन शोषण के गंभीर आरोप लगने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है
  • प्रयागराज पुलिस वाराणसी पहुंचकर अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों से पूछताछ कर सकती है
  • अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत झूंसी थाने में केस दर्ज, उनके शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम शामिल
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
प्रयागराज/वाराणसी:

नाबालिगों से यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पुलिस की जांच तेज हो गई है. खबर है कि प्रयागराज पुलिस आज वाराणसी पहुंच सकती है. नाबालिगों से यौन शोषण के मामले में उनसे पूछताछ हो सकती है और इनमें उनके शिष्यों से भी पुलिस सवाल कर सकती है. 

अविमुक्तेश्वरानंद पर  गिरफ्तारी की तलवार 

बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं, उनपर POCSO के तहत कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में केस दर्ज है. उनके खिलाफ इस मामले में आशुतोष ब्रह्मचारी शिकायतकर्ता हैं. वहीं इसपर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि स्वामी रामभद्राचार्य ने झूठा केस कराया है. यही नहीं शंकराचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी को  'हिस्ट्रीशीटर' की भी संज्ञा दी है. बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूंसी थाने में केस दर्ज हुआ है. FIR में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो कहानी गढ़ी गई वो झूठ साबित होगी.असली अदालत जनता है, जनता की अदालत में जाएंगे.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील मदन मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि संभव है प्रयागराज पुलिस आकर स्वामी जी से पूछताछ भी कर सकती है और गिरफ्तार भी कर सकती है, हालांकि अब तक प्रयागराज पुलिस ने वकीलों से कोई संपर्क नहीं किया है.मदन मिश्रा कहते हैं कि चूंकि मुकदमा प्रयागराज के झूंसी में दर्ज हुआ है और स्वामी जी के आश्रम से ये जगह 80 किलोमीटर से ज्यादा दूर है इसलिए गिरफ्तारी की दशा में काशी से प्रयागराज ले जाने के लिए मजिस्ट्रेट से जर्नी वारंट लेना जरूरी होगा.उन्होंने कहा कि अगर पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर सकती है और हम गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि स्वामी जी अपने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से आगे की कानूनी विकल्प के लिए सलाह ले रहे हैं. 

किस धारा में केस,कितनी सजा?

-BNS धारा 351 (3)- डर पैदा करना या दबाव बनाना
सजा- 2-7 साल जेल और जुर्माना

-POCSO: धारा 5(i),पद/शक्ति का गलत इस्तेमाल कर यौन अपराध

-POCSO: धारा 6,धारा 5(i) से साबित होने पर
सजा- 20 साल जेल/उम्र कैद/जुर्माना

-POCSO: धारा 3,बच्चे के साथ गंभीर यौन शोषण

-POCSO: धारा 4(2),धारा 3 के आरोप सही साबित होने पर
सजा- 10 साल जेल से उम्र कैद और जुर्माना

-POCSO: धारा 16,अपराध के लिए उकसाना या मदद करना

-POCSO: धारा 17,धारा 16 के आरोप साबित होने पर
सजा- 10 या 20 साल जेल/उम्र कैद

यह भी पढ़ें-  पब्लिक सेफ्टी किराएदारों के अधिकारों से ऊपर... वाराणसी में जर्जर भवन को गिराने पर रोक से इलाहाबाद हाई कोर्ट का इनकार
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Dhurandhar से लेकर Salman Khan तक... Chitrangda Singh का EXCLUSIVE Interview | NDTV Yuva 2026