प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड: पहले बेटे ने माता-पिता और बहन की हत्या की, फिर खुद दोस्त के हाथों मारा गया

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया. कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका में मंगलवार को एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

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घटना के दौरान पुलिस, मृतक मां और आरोपी मृतक बेटा अभिषेक.

Prayagraj Murder Case: प्रयागराज में परिवार के चार लोगों की हत्याकांड का खुलासा हो गया है. पुलिस ने बताया कि व्यापारी, उनकी पत्नी और बेटी की हत्या उनके बड़े बेटे अभिषेक ने की थी. फिर उसकी हत्या उसके दोस्त सनी गुप्ता ने की. पुलिस को घर के अंदर तीनों की लाशें मिली थीं, फिर बेटे का शव दूसरे दिन व्यापारी की दुकान में मिला था. पुलिस ने आरोपी सनी को गिरफ्तार कर लिया है.

क्या है मामला

प्रयागराज पुलिस को कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका में एक घर में तीन शव मिले थे, जिनकी पहचान वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी 65 साल की पत्नी अनीता वैश्य और बेटी मीनाक्षी वैश्य (45) के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी. शवों पर चोटों के निशान थे, जिससे शक हो गया कि इनकी हत्या की गई है.

फिर कुछ घंटों बाद पुलिस को तलाशी और जांच के दौरान घर के नीचे बनी मार्केट की एक दुकान से एक और शव मिला. बाद में पता चला कि उनके वीरेंद्र के बड़े बेटे अभिषेक का है, लेकिन पुलिस तब उलझ सी गई, जब अभिषेक वाले स्थान में दुकान के अंदर बिजली के बोर्ड पर लिखा हुआ था कि बंटी, बबली और बहू ने मारा है.

12 घंटे में किया खुलासा

पुलिस ने इस बेहद पेचीदा और खौफनाक हत्याकांड का महज 12 घंटे के अंदर सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस ने इस हत्याकांड का खौफनाक खुलासा किया है कि कैसे खुद बेटे ने पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची, लेकिन अंत में खुद भी इसी साजिश का हिस्सा बनना पड़ा और उसे अपनी जान गंवानी पड़ी. प्रयागराज पुलिस ने मंगलवार को करोड़पति कारोबारी समेत चार लोगों की हत्या का मामला सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. 

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Prayagraj Family murder case police revealed son killed mother father and sister then itself killed by friend

संपत्ति से जुड़ा है विवाद

प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार के अनुसार, मृतक कारोबारी वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक ने ही अपने पड़ोसी दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और अपनी बहन की जान ली थी. पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है. पिता वीरेंद्र वैश्य अपने बड़े बेटे अभिषेक को संपत्ति से बेदखल करने वाले थे, जिससे नाराज होकर उसने पूरे परिवार को खत्म करने का प्लान बनाया. वारदात के बाद डेढ़ करोड़ के गहने लूटे गए थे,  लेकिन बंटवारे के झगड़े में दोस्त सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी और फरार हो गया.

कर्ज में डूबा था अभिषेक, फिर ऐसे रची साजिश

पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि मृतक वीरेंद्र वैश्य का बेटा अभिषेक (40) भारी कर्ज में डूबा हुआ था. कर्ज और हरकतों की वजह से पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था, जिसे लेकर घर में अक्सर विवाद होता था. अभिषेक ने अपने पिता के मकान में ही समोसे की दुकान चलाने वाले अपने पड़ोसी दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने और जेवरात लूटने की खौफनाक साजिश रची.

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31 मई की शाम दोनों ने पहले कचौड़ी खाई और बीयर पी. इसके बाद शाम करीब पांच बजे जब अभिषेक की 45 वर्षीय बहन मीनाक्षी जब दुकान खोलने अपने घर से नीचे आ रही थी तो दोनों ने सीढ़ियों पर ही उसकी हत्या कर दी और लाश को घसीटकर ऊपर ले गए. इसके बाद उन्होंने पलंग पर सो रहे बुजुर्ग माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी.

तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों ने घर में रखे करोड़ों के आभूषण लूट लिए. लेकिन इसके बाद घर के नीचे मार्केट में बनी दुकान के अंदर बैठकर जब लूटे गए आभूषणों का बंटवारा होने लगा तो दोनों में विवाद हो गया. इसी बीच सनी गुप्ता के मन में डर और लालच बैठ गया. उसने सोचा कि जो बेटा अपने सगे मां-बाप और बहन का नहीं हुआ वो भला मेरा क्या होगा.

सरफ से खून के धब्बे किए साफ, शव पर डाला था तेजाब

इसी खौफ और लालच में आकर सनी ने लोहे के पाइप से हमला कर अपने दोस्त अभिषेक की भी बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या के बाद सनी ने पहचान मिटाने के लिए अभिषेक के शव पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाल दिया और खून के धब्बे साफ कर वहां से फरार हो गया. यही नहीं मृतक अभिषेक गुप्ता ने पूरे हत्याकांड की कहानी को बदलने और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक कार्ड पर बंटी, बबली और बहू ने मारा लिख दिया ताकि पुलिस को शक न हो.

मंगलवार शाम को जब मकान से तेज दुर्गंध आने लगी तो पुलिस ने ताला तोड़कर चारों शव बरामद किए. पुलिस को भटकाने के लिए शवों के पास लाल पेन से एक गत्ते पर लिखा कि बंटी, बबली और बहू ने मारा. हालांकि, पुलिस इस झांसे में नहीं आई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने पांच टीमों का गठन किया. तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी सनी गुप्ता को उसके मुट्ठीगंज स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया.

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हथियार और लूट के जेवर बरामद किए

पुलिस ने हत्यारोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल लोहे का पाइप, 1002.12 ग्राम पीली धातु (सोना), 360.26 ग्राम सफेद धातु (चांदी) और नगदी बरामद की है। बरामद आभूषणों की बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है.

इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ अजय पाल शर्मा ने डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य के साथ काफी मशक्कत की और आरोपी तक पहुंचे. पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार ने वहीं ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी इंचार्ज साउथ मलाका रोहित गौड़ और एसआई मुलायम सिंह यादव को निलंबित कर दिया है.

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छोटा बेटा है जेल में बंद

पुलिस के अनुसार, मृतक वीरेंद्र का छोटा बेटा अश्वनी वैश्य इन दिनों कौशांबी जेल में बंद है और उसकी पत्नी कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आई है. दोनों के खिलाफ फ्रॉड समेत कई मुकदमे दर्ज हैं. वहीं, मृतक अभिषेक का भी चाल चलन ठीक नहीं था और वो भी धीरे-धीरे बिगड़ रहा था, जिसके चलते मृतक वीरेंद्र गुप्ता ने उसे प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था.

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के मुताबिक 12 घंटे के अंदर हत्याकांड का खुलासा होने के लिए पूरी पुलिस टीम को पचास हज़ार का इनाम दिया गया है. वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद आरोपी सनी गुप्ता ने मीडिया से कहा कि अभिषेक ने ही हत्या करने के लिए उसे उकसाया था और फिर हिस्सा देने से मना कर रहा था, इसलिए ऐसा किया.

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