Prayagraj Turtle Smuggling: प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्यवाही में पुलिस ने एक ट्रेन में छापा मारते हुए फतेहपुर से हावड़ा ले जा रहे 600 कछुओं को बरामद किया है. तस्करों ने कछुओं को कई बोरियों और बैग में भरकर जनरल कोच में चोरी से रखा हुआ था. छापेमारी के दौरान सभी कछुओं को बरामद करते हुए पुलिस ने मौके से पांच लोगों को भी गिरफ्तार किया है.
गैर कानूनी तरीके से कछुओं की तस्करी
प्रयागराज जंक्शन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अमित मीणा के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि 12308 जोधपुर–हावड़ा एक्सप्रेस के इंजन से सटे जनरल कोच में कुछ लोग गैर कानूनी तरीके से कछुओं की तस्करी करने के लिए उन्हें हावड़ा ले जा रहे है. ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म संख्या चार और पांच पर पहुंची तो आरपीएफ ने जीआरपी टीम के साथ ट्रेन में चेकिंग करते हुए छापेमारी की कार्यवाही की. ट्रेन के जनरल कोच में जब छापा मारा गया तो कुछ लोगों के पास पुलिस को बोरी और बैग बंधे हुए दिखे. शक होने पर जब पुलिस ने जांच करते हुए बोरियों और बैग को खुलवाया तो उसके अंदर कछुए भरे हुए थे.
20 बंद बोरियों और बैग से 600 कछुए बरामद
पुलिस ने मौके से करीब 20 बंद बोरियों और बैग से 600 कछुए बरामद किए हैं. आरपीएफ इंचार्ज अमित मीणा के मुताबिक, बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपए है. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अरुण कुमार, अनीश कुमार, रवि कुमार, जितेन्द्र और अमीर खान है. ये सभी सुल्तानपुर के रहने वाले है. पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा स्वीकार किया गया कि वो इन कछुओं को फतेहपुर क्षेत्र के आसपास के नदी-तालाबों से इकट्ठा कर अधिक कीमत पर बेचने और उनकी तस्करी करने के लिए हावड़ा ले जा रहे थे.
बरामद कछुओं को वन विभाग को सुपुर्द किया गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल वन विभाग प्रयागराज को सूचना दी गई. सूचना पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर रविन्द्र कुमार और वन दरोगा शिवदत्त सिंह मौके पर पहुंचे. उनकी देखरेख में सभी बैग और बोरियों की जांच की गई. अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए बरामद कछुओं और अभियुक्तों को वन विभाग को विधिवत सुपुर्द किया गया है. प्रकरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम से संबंधित होने के कारण संबंधित विभाग द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.














