- PM मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ मेट्रो ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया और इसे राष्ट्र को समर्पित किया
- मेरठ मेट्रो का कुल लंबाई 23 किलोमीटर है, जिसमें 18 किलोमीटर एलिवेटेड और 5 किलोमीटर भूमिगत मार्ग शामिल हैं
- सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं जो सुरक्षा बढ़ाने और भीड़ नियंत्रण में मदद करते हैं
यूपी के एक और शहर में मेट्रो सेवा की शुरुआत हो गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में आज मेट्रो ट्रेन का उद्धघाटन किया और इसे राष्ट्र को समर्पित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने मेट्रो की सवारी भी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया. पीएम मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ मेरठ मेट्रो में सफर किया. सांसद अरुण गोविल भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. सीएम योगी ने मेरठ मेट्रो को पूरे इलाके के लिए गेमचेंजर बताया. वहीं पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की कोशिश बड़े शहरों के बीच नमो भारत नेटवर्क का विस्तार करने की है.
23 किमी लंबा मेट्रो का कॉरिडोर
मेरठ मेट्रो की कुल लम्बाई 23 किलोमीटर है, जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और 5 किमी भूमिगत हिस्सा है. कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन पड़ेंगे जिसमें मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम शामिल हैं. इसमें मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं बाकी सभी एलिवेटेड हैं. कुल 23 किमी की दूरी को मेट्रो से 30 मिनट में पूरा किया जा सकेगा.
मेट्रो में यात्रियों के लिए होगा ये खास
आधुनिक डिजाइन: मेट्रो ट्रेन का डिज़ाइन आधुनिक और आकर्षक है. इसमें यात्रियों के आराम और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है.
आधुनिक सुविधाएं: ट्रेन के सभी कोच पूरी तरह एयर कंडीशन हैं. इनमें सामान रखने के लिए रैक, पकड़ने के लिए हैंड-ग्रैब, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट, डायनेमिक रूट मैप जैसी कई आधुनिक सुविधाएँ हैं.
बैठने की व्यवस्था और क्षमता
मेरठ मेट्रो का ट्रेनसेट तीन कोच का है. इसमें गद्देदार सीटें लगी हैं. एक ट्रेन में 173 सीटें हैं और कुल मिलाकर 700 से ज्यादा यात्री यात्रा कर सकते हैं.प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर: सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं. ये मेट्रो के दरवाजों के साथ तालमेल में काम करते हैं. दोनों दरवाजे बंद होने के बाद ही ट्रेन चलेगी. इससे सुरक्षा बढ़ेगी और भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी.
सुरक्षा व्यवस्था पर भी है खासा जोर
ट्रेन में आपातकालीन संचार प्रणाली, अग्निशमन यंत्र, अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं. हर कोच में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आरक्षित सीटें दी गई हैं.
सार्वभौमिक पहुंच भी बनाता है खास
स्टेशन और ट्रेन दोनों दिव्यांग-अनुकूल हैं. आपात स्थिति के लिए मेडिकल स्ट्रेचर और व्हीलचेयर रखने की जगह दी गई है. स्टेशनों पर व्हीलचेयर और स्ट्रेचर ले जाने के लिए बड़े और सुविधाजनक लिफ्ट भी हैं.
आकर्षक बाहरी रूप:
कितना होगा किराया?
मेट्रो का किराया दूरी के हिसाब से लगेगा. सबसे कम 20 रुपए और सबसे अधिक 60 रुपए भुगतान करना होगा. ट्रेन सुबह 6:00 से रात 10:00 तक चलेगी.
यूपी के 6 जिलों में मेट्रो सेवा
उत्तर प्रदेश में अभी लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद में मेट्रो चालू हैं. मेरठ में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू के बाद यह प्रदेश का छवां जिला होगा जहां से मेट्रो ट्रेन संचालित की जा रही है. यूपी ऐसा करने वाला देश एकमात्र प्रदेश है.
देश की सबसे तेज गति वाली मेट्रो
135 किलोमीटर प्रति घंटे की डिज़ाइन गति और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ, मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणालियों में से एक होगी. यह 23 किलोमीटर लंबे खंड में 13 स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगी. इनमें से चार स्टेशन—मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम—पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं उपलब्ध होंगी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली से मेरठ अब दूर नहीं, सुपरफास्ट स्पीड से दौड़ेगी नमो भारत, 12 स्टेशनों के बीच चलेगी मेरठ मेट्रो
यह भी पढ़ें: Meerut Metro: पुश बटन, सोफे जैसी सीटें और लग्जरी कोच...सुपरफास्ट मेरठ मेट्रो तो राजधानी शताब्दी ट्रेन जैसी आरामदायक













