Sandeep Singh Murder Case Lucknow: लखनऊ के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है. इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस के पीछे जमीन विवाद से जुड़ी सोची-समझी साजिश सामने आई है, जिसमें 5 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई गई. संयुक्त अभियान में एसटीएफ और पीजीआई थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में यह भी सामने आया है कि हत्यारों ने सेकंड हैंड अपाचे बाइक और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर कई बार रेकी की थी. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने कई लग्जरी गाड़ियां, मोबाइल और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.
चार लग्जरी गाड़ियां और अन्य सामान बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी दिनेश यादव की चार लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त किया है. इनमें फॉर्च्यूनर, मर्सिडीज, रेनॉल्ट किगर और टाटा सफारी शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस ने मोबाइल फोन, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है. ये सभी साक्ष्य हत्या की साजिश और उसकी प्लानिंग को मजबूत करते हैं.
आरोपी पर पहले से कई मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी दिनेश यादव पर पहले से ही धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं. यह भी जांच का विषय है कि वह पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है और इसी नेटवर्क का इस्तेमाल इस हत्या में किया गया.
संयुक्त ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी
1 जून 2026 को पीजीआई थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. मुबीन को डलौना अंडरपास के पास से पकड़ा गया, जबकि दिनेश यादव को संयुक्त टीम ने दबिश देकर गिरफ्तार किया.
27 मई को हुई थी दिनदहाड़े हत्या
लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में 27 मई 2026 को प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की. हत्या का मुकदमा बीएनएस की धारा 103(1) समेत अन्य धाराओं में दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें और एसटीएफ को लगाया गया था.
जमीन विवाद बना हत्या की असली वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि संदीप सिंह और आरोपी दिनेश कुमार यादव के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. लगातार मुकदमेबाजी और शिकायतों से परेशान होकर दिनेश यादव ने अपने ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
5 लाख में तय हुई सुपारी, ड्राइवर बना कड़ी
पूछताछ में आरोपी मुबीन ने बताया कि उसने ही शूटरों से संपर्क कर 5 लाख रुपये में हत्या की डील तय कराई थी. शूटरों के रहने, खाने और भागने तक की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी भी मुबीन ने संभाली. वह योजना का अहम हिस्सा था और लगातार घटनाक्रम को निर्देशित कर रहा था.
सेकंड हैंड बाइक और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल
हत्या को अंजाम देने के लिए खास तैयारी की गई थी. आरोपी दिनेश यादव ने पैसे देकर मुबीन से सेकंड हैंड अपाचे बाइक खरीदी. इस बाइक पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर लगाया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके. इसी वाहन से कई बार इलाके की रेकी की गई और बाद में उसी के जरिए वारदात को अंजाम दिया गया.
घटना वाले दिन खुद को अलग दिखाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी खुद को बचाने के लिए शहर से दूर रहने की योजना बनाकर चले गए थे. मुबीन ने बकरीद का बहाना बनाकर घर जाने की बात कही, जबकि दिनेश यादव भी खुद को वारदात से दूर दिखाने में लगा रहा. हत्या के बाद शूटरों ने फोन कर घटना को अंजाम देने की पुष्टि की थी.
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य शूटरों और सहयोगियों की तलाश की जा रही है. लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है. इस केस ने यह भी साफ कर दिया कि कैसे प्रॉपर्टी विवाद कई बार संगठित अपराध का रूप ले लेते हैं. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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