दिव्यांश हत्याकांड: जिस गुरुकुल को समझा 'शिक्षा का मंदिर', वहीं हैवानों ने छीन ली मासूम की सांसें!

Gurukul Student Death Lucknow: लखनऊ के आलमनगर स्थित एक गुरुकुल में 11 वर्षीय मासूम दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने बेरहमी से पिटाई और प्रताड़ना का आरोप लगाया है. गुरुकुल संचालक शव को घर के पास फेंककर फरार हो गया, जिसके खिलाफ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

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  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक गुरुकुल में 11 वर्षीय दिव्यांश के शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं
  • दिव्यांश के शरीर पर लगभग 45 गहरे पिटाई के निशान थे और उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे
  • गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा ने शुरू में बताया कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया था

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक गुरुकुल में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिस पिता ने अपने 11 वर्षीय बेटे दिव्यांश को उज्जवल भविष्य और वैदिक संस्कारों की उम्मीद में 15 अप्रैल को गुरुकुल में दाखिल कराया था, ठीक 7 दिन बाद यानी 22 अप्रैल को उसी बेटे का शव चोटों के निशान के साथ उसके घर के बाहर फेंक दिया गया.

निशुल्क शिक्षा के नाम पर 'हैवानियत' का खेल

कानपुर के महाराजपुर अंतर्गत गैरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने अपने पुत्र दिव्यांश (11) का दाखिला लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में कराया था. उन्हें बताया गया था कि यहां निशुल्क वैदिक शिक्षा दी जाती है. लेकिन किसे पता था कि शिक्षा के इस केंद्र में मासूमों के साथ हैवानियत का खेल खेला जाता है.

मंगलवार रात तक दिव्यांश ने अपनी बहन से फोन पर बात की थी, लेकिन बुधवार सुबह अचानक उसकी मौत की खबर आई. दिव्यांश का शव जब उसके घर पहुंचा तो उसे देखकर परिजनों की चीख निकल गई.

शरीर पर मिले पिटाई के 45 निशान, बंधे थे हाथ-पैर

परिजनों का आरोप है कि मासूम के शरीर पर डंडे से पिटाई के करीब 40 से 45 गहरे निशान मिले हैं. बच्चे के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया गया है. शरीर पर मिले घाव इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मौत से पहले मासूम कितनी पीड़ा से गुजरा होगा.

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घटना की सबसे संदिग्ध बात यह रही कि गुरुकुल के संचालक कन्हैया लाल मिश्रा ने परिजनों को पहले फोन कर बताया कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया है. लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाय, वह खुद कार से शव लेकर कानपुर पहुँचा और घर से कुछ दूरी पर शव को छोड़कर फरार हो गया. इस दौरान उसके साथ एक अज्ञात चालक भी मौजूद था.

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम की तैयारी

इस हत्याकांड के बाद इलाके में भारी तनाव है. पिता की तहरीर पर पुलिस ने गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा और चालक के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है.

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एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई है जो लखनऊ जाकर गुरुकुल की जांच करेगी. बच्चे के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके. परिजनों ने मासूम के साथ कुकर्म होने की आशंका भी जताई है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है. फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है. 

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