80 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी कानपुर मेट्रो, फाइनल टेस्टिंग पूरी; जुलाई में चालू हो सकता है कॉरिडोर-1

कानपुर मेट्रो के ट्रायल के साथ ही समग्र कॉरिडोर-1 की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी पूरी हो गई है, जिसके बाद मेट्रो सेवाएं कल से पुनः अपने निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच चली मेट्रो.
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 पर रविवार को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच हुआ सफल ट्रायल.
  • जुलाई में कॉरिडोर-1 के बाकी हिस्से में मेट्रो का संचालन संभव,
  • कॉरिडोर-1 आईआईटी से नौबस्ता तक 23.8 किमी का है, जिसमें 21 मेट्रो स्टेशन हैं.

कानपुर मेट्रो के पहले कॉरिडोर पर  कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो का सफल ट्रायल किया गया. इस दौरान स्टेशन निरीक्षण, सिग्नलिंग प्रणाली की व्यापक जांच, हाई-स्पीड रन तथा अन्य प्रमुख तकनीकी परीक्षण किए गए. 28 जून को हुए सफल ट्रायल के दौरान आईआईटी–कानपुर सेंट्रल के बीच चलने वाली मेट्रो का संचालन ठप रहा. टेस्टिंग के दौरान मेट्रो को अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया था.

क्या है पूरा कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट

कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट में 32.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर शामिल हैं. कॉरिडोर-1 आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक है, जिसकी कुल लंबाई 23.8 किलोमीटर है और इसमें 7 अंडरग्राउंड और 14 एलिवेटेड स्टेशन हैं. दूसरा कॉरिडोर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बर्रा-8 तक है, जिसकी कुल लंबाई 8.60 किलोमीटर है और इसमें 5 एलिवेटेड और 3 अंडरग्राउंड स्टेशन हैं.

कॉरिडोर-1 फिलहाल पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है. इस पर अभी आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के बीच लगभग 15 किमी मेट्रो चल रही है, जिसमें 14 स्टेशन शामिल हैं. कानपुर सेंट्रल से आगे नौबस्ता तक का ट्रायल रविवार को पूरा हो गया. बाकी हिस्से में मेट्रो चालू होने के बाद 7 और नए स्टेशन जुड़ जाएंगे. फर्स्ट कॉरिडोर पूरी तरह से जुलाई माह में चालू हो सकता है, जो 23.8 किमी है.

ये होंगे सात नए मेट्रो स्टेशन

झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता स्टेशन शामिल होगा. कॉरिडोर-1 में मेट्रो स्टेशनों की संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी.

Advertisement

UPMRC के अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दूसरे दिन सीएमआरएस ने नवीन मार्केट स्टेशन से मेट्रो ट्रेन द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत की. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ट्रेन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करते हुए अधिकारियों का दल नवनिर्मित सेक्शन के अंतिम स्टेशन नौबस्ता तक पहुंचा. इसके बाद सीएमआरएस एवं उनकी टीम ने मोटर ट्रॉली के माध्यम से नौबस्ता से कानपुर सेंट्रल तक 'अप-लाइन' ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया.

इस दौरान उन्होंने सभी एलिवेटेड स्टेशन (नौबस्ता, बौद्ध नगर, वसंत विहार, किदवई नगर एवं बारादेवी) तथा अंडरग्राउंड स्टेशन (ट्रांसपोर्ट नगर और झकरकटी) का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं एवं प्रावधानों का गहन परीक्षण किया गया. तकनीकी कक्षों, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम तथा प्लेटफॉर्म के बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न सुविधाओं का सूक्ष्मता से निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया.

Advertisement

दिसंबर 2021 से हुई थी शुरुआत

कानपुर मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर (IIT-कानपुर से मोतीझील) की शुरुआत 28 दिसंबर 2021 को हुई थी, जिसे रिकॉर्ड समय यानी 2 साल और 1.5 महीने में पूरा किया गया. यात्रियों के लिए मेट्रो का सफर आसान और परेशानी-मुक्त बनाने के लिए 'कानपुर मेट्रो' मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया, ताकि उन्हें मेट्रो सिस्टम की जानकारी मिल सके और यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें पता चल सकें. कानपुर मेट्रो उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी मेट्रो सेवा भी बनी जिसने NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) लॉन्च किया, जो इंटर-ऑपरेबिलिटी की सुविधा देता है.

Topics mentioned in this article
Kanpur Metro Trial Run
Kanpur Metro Rail Project
UP Metro
Kanpur News