Kanpur Kidney Transplant Racket: कानपुर में चल रहे 'किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट' की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं. जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, सफेदपोश डॉक्टरों और बिचौलियों का एक खौफनाक नेटवर्क सामने आ रहा है. अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि इस रैकेट के तार सिर्फ कानपुर तक ही नहीं, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और एनसीआर के कई जिलों तक फैला है. इस रैकेट का विदेशी कनेक्शन भी समाने आया है. दक्षिण अफ्रीका की एक महिला ने इसी रैकेट के जरिए ट्रांसप्लांट कराया है.
पुलिस की टीमें लगातार दे रहीं दबिश
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक, 'किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट' मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. लेकिन, असली मास्टरमाइंड, रसूखदार डॉक्टर और बड़े नाम अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिन्हें तलाश किया जा रहा है. मेरठ के डॉ. रोहित, डॉ. अली, डॉ. अफजल, डॉ. वैभव मुद्गल और प्रयागराज का नवीन पांडेय की गिरफ्तारी के पुलिस की टीमें सक्रिय है. कानपुर पुलिस की ये टीमें मेरठ, गाजियाबाद, उन्नाव, जालौन और दिल्ली-एनसीआर में लगातार दबिश दे रही हैं.
दक्षिण अफ्रीका की महिला रैकेट के संपर्क में कैसे आई?
कानपुर पुलिस ने हाल ही में एक और ओटी टेक्नीशियन रोहन को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. जांच में 'किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट' के तार विदेश तक फैले होने की बात भी सामने आई है. ऐसे में पुलिस इसकी तह तक जाने का प्रयास कर रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि दक्षिण अफ्रीका की महिला आखिर इस रैकेट के संपर्क में कैसे आई, किन हालातों में उसका ट्रांसप्लांट किया गया?
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महिला की मौत की जांच
इसके अलावा, एक महिला की किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान हुई मौत को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है. पुलिस इसे गैर-इरादतन हत्या और धोखाधड़ी के नजरिए से देख रही है. 'किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट' की जांच में 'आहूजा हॉस्पिटल' ही नहीं, 'मेडी लाइफ' अस्पताल का नाम भी सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग मेडी लाइफ को पहले ही सील कर चुका है. अस्पताल का एक संचालक भी पुलिस हिरासत में है, जिससे पूछताछ की जा रही है.














