- कानपुर के चर्चित बिकरू कांड की खुशी दुबे ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की है.
- बिकरू कांड में सात पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी, मुख्य आरोपी विकास दुबे की मौत मुठभेड़ के दौरान हो गई थी.
- खुशी दुबे ने कठिन परिस्थितियों और मानसिक दबाव के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और वकील बनने का लक्ष्य रखा.
Bikru Case Khushi Dube: "मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है." इन पंक्तियों को आज कानपुर के चर्चित बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे ने सच कर दिखाया है. तमाम विपरीत परिस्थितियों और कानूनी लड़ाई के बीच, खुशी दुबे ने यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी (First Division) हासिल कर अपनी इच्छाशक्ति का लोहा मनवाया है.
30 महीने जेल में, दुनिया ने मान लिया था आरोपी
बिकरू कांड के बाद करीब 30 महीने जेल की सलाखें, फिर कोर्ट-कचहरी के अंतहीन चक्कर और मां की ढलती हुई सेहत—खुशी की राह में बाधाएं कम नहीं थीं. लेकिन जिसे दुनिया एक आरोपी मान रही थी, वह चुपचाप अपनी किताबों के साथ भविष्य का ताना-बाना बुन रही थी. गुरुवार को जब यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित हुए, तो खुशी के अंकों ने साबित कर दिया कि संघर्ष कितना भी बड़ा हो, मेहनत का फल मीठा ही होता है.
रिजल्ट के बाद खुशी बोलीं- अब आगे की पढ़ाई कर वकील बनना है
रिजल्ट आने के बाद खुशी दुबे ने अपनी भविष्य की योजनाओं पर से पर्दा उठाया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया: - "मैंने बहुत कठिन दौर देखा है. मानसिक दबाव और पारिवारिक मुश्किलों के बावजूद मेरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर था. अब मेरा एकमात्र लक्ष्य अधिवक्ता (Lawyer) बनना है.
बिकरू कांड के काले साये से निकली खुशी
खुशी दुबे की यह सफलता सिर्फ एक मार्कशीट नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो मुश्किल वक्त में हार मान लेते हैं. एक तरफ जहां बिकरू कांड का काला साया है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा के उजाले की ओर बढ़ता यह एक मज़बूत कदम है.
बिकरू कांडः सीओ सहित 7 पुलिस कर्मियों की हुई थी हत्या
मालूम हो कि साल 2020 में कानपुर में हुए बिकरू कांड में सीओ सहित 7 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे कई दिनों तक छिपता रहा, बाद में उसे उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था. रास्ते में ही उसकी गाड़ी पलटने से मौत हो गई थी.
गैंगस्टर से शादी, 3 दिन बाद कांड, पति मुठभेड़ में ढेर, फिर जेल में खुशी
बिकरू कांड में खुशी दुबे का नाम आरोपी अमर दुबे के साथ आया था. इस कांड से मात्र तीन दिन पहले खुशी को गैंगस्टर अमर दुबे से शादी हुई थी, जो बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. बाद में पुलिस ने खुशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था. करीब 30 महीने जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिली फिर उसने पढ़ाई शुरू की. अब फर्स्ट डिविजन से इंटर परीक्षा पास की है.
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