Iqra Hasan statement Saharanpur: 'गोली मार दोगे, फांसी चढ़ा दोगे, चढ़ा दो...' सहारनपुर में सपा सांसद इकरा हसन की ये बात उस समय सामने आई जब वह एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एसपी सिटी व्योम बिंदल के पास पहुंची थी. पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई. यह पूरा मामला एक मोनू कश्यप हत्या केस से जुड़ा है, जिसमें अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर विवाद बढ़ गया है.
पीड़ित परिवार के साथ पहुंचीं डीआईजी दफ्तर
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सपा सांसद इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप की मां और परिजनों के साथ डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं. परिवार का आरोप है कि हत्या के मामले में अभी भी कुछ आरोपी खुले घूम रहे हैं, जबकि पुलिस ने केवल दो लोगों को ही गिरफ्तार किया है. इसी शिकायत को लेकर वे अधिकारी से मिलने गए थे.
मां की नहीं सुनी गई… यहीं से भड़का विवाद
मोनू कश्यप की मां का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया. जब वह अपनी पीड़ा रखने पहुंचीं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. बताया जा रहा है कि वह रोते हुए डीआईजी दफ्तर से बाहर निकलीं, जिससे साथ मौजूद सांसद इकरा हसन भी नाराज हो गईं.
...फिर महिला थाने ले गई पुलिस
दफ्तर से बाहर आने के बाद जब सांसद और पीड़ित परिवार आपस में बात कर रहे थे, तभी मौके पर पुलिस पहुंच गई. सांसद के मुताबिक, इसी दौरान उनकी पुलिस से बहस हो गई. इसके बाद उन्हें महिला पुलिस के साथ थाने ले जाया गया और करीब 10 मिनट तक हिरासत में रखा गया.
इकरा हसन का बड़ा बयान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इकरा हसन का गुस्सा सामने आया. उन्होंने एसपी सिटी व्योम बिंदल के सामने कहा कि “अगर अपनी बात रखना अपराध है तो मुझे गोली मार दो या फांसी पर चढ़ा दो.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिजनों को जेल भेजा गया है, तो उन्हें भी जेल भेजा जाए, वरना सभी को रिहा किया जाए.
पुलिस पर लगाए मनमानी के आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सड़क जाम और ट्रैफिक बाधित करने का झूठा बहाना बनाकर कार्रवाई की. उनके अनुसार, वहां किसी तरह का ट्रैफिक जाम नहीं था और इस बात के सबूत के तौर पर उनके पास वीडियो भी मौजूद है.
सपा नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
इस मामले में पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में पूर्व राज्यमंत्री और सपा नेता मांगेराम कश्यप समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई. थाने के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
न्याय की मांग पर अड़ीं सांसद
इकरा हसन ने कहा कि पीड़ित परिवार केवल निष्पक्ष जांच चाहता है, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए.














