गाजियाबाद: हिंडन और यमुना नदी के किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की कवायद तेज हो गई. यह कदम हिंडन नदी को लेकर आई प्रदूषण रिपोर्ट के बाद उठया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने एनजीटी को बताया कि हिंडन के किनारे 258 अवैध कॉलोनियां हैं, जिनका सीवेज का पानी हिंडन नदी में जाता है. इसे लेकर गाजियाबाद डीएम रविंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और नदी किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए. जल्द ही अब अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है.
दरअसल, गाजियाबाद कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में यमुना और हिंडन नदी क्षेत्र की भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण व अवैध कब्जे से मुक्त कराने के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई. बैठक में उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे.
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यमुना और हिंडन नदी की भूमि की समीक्षा
बैठक में यमुना और हिंडन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों व नदी की मूल भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के अभिलेखों और उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर सत्यापन कर अवैध कब्जों व अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए.
सभी विभाग समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई करें
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने साफ कहा कि चिन्हित अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए. नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं किया जाएगा. संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करें.
संयुक्त सर्वेक्षण कराएं, अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाए
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि यमुना और हिंडन नदी केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन व क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं. नदी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार संयुक्त सर्वेक्षण कराया जाए और अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया जाए. संबंधित विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और कार्रवाई की रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं.
अवैध अतिक्रमण के कई खतरे
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा- यमुना और हिंडन नदी क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमण पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं. इससे बाढ़ और जलभराव का खतरा होता है, जो आमजन के जीवन व संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं. नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से आपदा की स्थिति में जनहानि एवं आर्थिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए लोगों की जान-माल की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नदी तंत्र के संरक्षण के लिए अतिक्रमणों को चिन्हित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए.