यूपी के फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में कब्रिस्तान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और महासचिव रामजीलाल सुमन ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा कराकर प्रशासन ने ताला जड़ दिया है. यही नहीं, एसडीएम और कुछ अधिकारी शिकोहाबाद में दंगा कराने की साजिश रच रहे हैं.
सांसद ने कई दस्तावेज और तथ्य पेश कर कब्रिस्तान की जमीन को वैध बताया. उन्होंने प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की. हालांकि, इस दौरान मामला तब और तूल पकड़ गया, जब मेराज अली और उनके परिजन हाथों में तख्तियां लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल के बाहर पहुंच गए और रामजीलाल सुमन और सपा के पूर्व विधायक अजीम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
मेराज अली का दावा है कि जिस गाटा संख्या 1038 की जमीन को कब्रिस्तान बताया जा रहा है, वह उनकी निजी बगिया है. उन्होंने कहा, “यह मेरी पुश्तैनी संपत्ति है, लेकिन सपा नेताओं के दबाव में इसे कब्रिस्तान बताकर कब्जाने की साजिश हो रही है.” मेराज अली ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे परिवार सहित आत्मदाह करने को मजबूर होंगे.
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया. सुरक्षा घेरा बनाकर रामजीलाल सुमन को सुरक्षित शिकोहाबाद से रवाना किया गया. इस दौरान दोनों पक्षों में नारेबाजी होती रही और माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
कब्रिस्तान विवाद के इस मामले ने शिकोहाबाद की राजनीति और प्रशासन की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है. लोगों को इंतजार है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील प्रकरण में क्या कदम उठाता है.