'रामद्रोही', 'कृष्ण द्रोही' और 'सनातन त्योहारों का द्रोही'... CM योगी ने अखिलेश पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 'राजनीतिक इस्लाम' को सनातन आस्था पर सबसे बड़ा कुठाराघात बताया. उन्होंने कहा कि हम ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़े, लेकिन "राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ भी हमारे पूर्वजों ने लड़ाई लड़ी थी."

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अखिलेश यादव के बयानों को 'बचकाना' बताते हुए कहा, "गद्दी विरासत में मिलती है... बुद्धि विरासत में नहीं मिलती है." योगी ने कहा कि कुछ लोगों का बचपन कभी नहीं जाता, और अखिलेश की दीपावली विरोधी टिप्पणी (दीप जलाने की आवश्यकता क्या है) पर तंज कसते हुए उन्हें 'रामद्रोही', 'कृष्ण द्रोही' और 'सनातन त्योहारों का द्रोही' बताया. योगी ने अखिलेश के पुराने बयान, जिसमें उन्होंने सैफई में दुर्योधन की मूर्ति लगाने की बात कही थी, का जिक्र किया और कहा कि हम मथुरा-वृंदावन को सजाएंगे, क्योंकि यह हमारे संस्कार हैं, जबकि उन्हें कंस और दुर्योधन प्यारे हैं.

हलाल सर्टिफिकेशन पर बड़ा कदम
सीएम योगी ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान देते हुए जनता से अपील की कि वे कोई भी सामान खरीदते समय यह ज़रूर देखें कि कहीं उस पर 'हलाल सर्टिफिकेशन' तो नहीं लिखा हुआ है. उन्होंने जोर देकर कहा, "हमने यूपी में बैन किया है." उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि साबुन, कपड़े और यहाँ तक कि दियासलाई पर भी हलाल सर्टिफिकेशन क्यों है, और विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में अब कोई इसे खरीदेगा या बेचेगा नहीं.

लव जिहाद और राजनीतिक इस्लाम पर सख्त रुख
लव जिहाद और धर्मांतरण पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक ओर महापुरुषों को जाति के आधार पर बाँटने की कोशिश हो रही है, तो दूसरी ओर लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियाँ समाज में पनप रही हैं. उन्होंने रामायण के पात्रों—कालनेमि, ताड़का और शूर्पणखा—की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें आज भी ऐसी दुष्प्रवृत्ति से सचेत रहना होगा, जो भोली-भाली जनता को बहकाकर, छद्म नाम से परिवारों में घुसकर हिंदू बेटियों के साथ छल-कपट कर रही है. उन्होंने बलरामपुर जिले के 'जलालुद्दीन उर्फ छांगुर' के षड्यंत्र का उदाहरण दिया, जिसकी गतिविधियाँ तीन वर्षों से वॉच की जा रही थीं और जिसकी गिरफ्तारी तक किसी को उसका असली नाम पता नहीं था.

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 'राजनीतिक इस्लाम' को सनातन आस्था पर सबसे बड़ा कुठाराघात बताया. उन्होंने कहा कि हम ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़े, लेकिन "राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ भी हमारे पूर्वजों ने लड़ाई लड़ी थी." उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और महाराणा प्रताप जैसे राष्ट्र नायकों को याद करते हुए कहा कि राजनीतिक इस्लाम वही है, जो 'छांगुर' के रूप में देश की डेमोग्राफी को बदलने और राष्ट्र माता के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा के साथ कार्य कर रहा है.

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