- सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर सुनवाई करते हुए फिलहाल रोक लगा दी है और अगली तारीख तय की है
- पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश को बचाने वाला कदम बताया
- उन्होंने कहा कि यदि यूजीसी बिल लागू होता तो यह समाज में बड़े आंदोलन और तनाव का कारण बन सकता था
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने के फैसले पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है. बृजभूषण शरण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे देश को टूटने से बचाने वाला कदम बताया है. यूजीसी बिल पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है और मामले में अगली सुनवाई की तारीख 19 फरवरी तय की है.
बृजभूषण शरण सिंह ने क्या कहा
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि यह बिल लागू हो जाता, तो यह एक बहुत बड़े आंदोलन का रूप ले सकता था और समाज के ताने‑बाने को नुकसान पहुंचाता. दरअसल, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र के पसका गांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को सही ठहराया.
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मुद्दे से शुरू में कर रहे थे किनारा
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बहुत अच्छा काम किया है. उनका कहना था कि यदि यह कानून लागू होता, तो पूरे समाज में तनाव की स्थिति पैदा होती और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने देश को एक बड़े संकट से बचाया है. इससे पहले बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी बिल पर सार्वजनिक रूप से बोलने से किनारा किया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए इस बिल का विरोध जताया और इसे लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी.
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
उन्होंने यहां तक कहा था कि यह कानून देश को खंड‑खंड कर सकता है. अब, जब सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यूजीसी बिल पर रोक लगा दी है, तो बृजभूषण शरण सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश हित में लिया गया फैसला बताया है.














