दबदबा है दबदबा... वाले बृजभूषण सिंह बोले-SIR को हिंदू मुसलमान न बनाएं,कफ सिरप मामले में धनंजय सिंह पर कहा...

बीजेपी के बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि एसआईआर को हिंदू मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. यूपी के चर्चित कफ सिरफ मामले में भी इस नेता ने अपनी राय रखी है.

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मऊ:

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट के विधायक सुधाकर सिंह के दसवें कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह शामिल हुए.  इस दौरान उन्होंने प्रदेश में इन दिनों जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि एसआईआर को धार्मिक नजरिए से न देखा जाए. कफ सिरप मामले में पूर्व सांसद बृजेश सिंह का नाम आने के सवाल पर बीजेपी नेता ने कहा कि फोटो खिंचवाने मात्र से किसी को अपराधी साबित नहीं किया जा सकता.

मऊ किस लिए गए थे बृजभूषण शरण सिंह 

बृजभूषण शरण सिंह ने सुधाकर सिंह के दसवें पर उनके पैतृक आवास पर पहुंचे उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए. उन्होंने उनकी विधवा पत्नी और बच्चों से मुलाकात किया और परिवार के इस कठिन समय से जल्द उभरने की कामना की. इसके बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि विधायक की मौत बेहद दुखद है. परिवार इस समय बड़े सदमे में है. अचानक खबर मिली तो विश्वास नहीं हुआ, परिवार और बच्चों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं.

एसआईआर के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इसे हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा,''देखिए, एसआईआर  कोई मुद्दा नहीं है. हर गांव में 10–20 लोग बाहर काम करते हैं- सूरत, लुधियाना, दिल्ली… उनके दो जगह वोट हैं, तो एक जगह से तो हटेगा ही. औसत निकालकर देखिए, सबके वोट कम होंगे. इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए. उन्होंने एसआईआर  की समय सीमा बढ़ाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. बीजेपी के इस नेता ने कहा कि विपक्ष और सरकार को मिलकर इसे और तीन महीने बढ़ाने पर विचार करना चाहिए.

क्या आरोपी के साथ फोटो होने से कोई दोषी कहलाएगा?

प्रदेश में इन दिनों चर्चा में आए कफ सिरप मामले के एक आरोपी के साथ पूर्व सांसद धनंजय सिंह की फोटो के सवाल पर बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता ने कहा कि सिर्फ फोटो के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा,''फोटो खिंचवा लेने भर से कोई अपराधी नहीं हो जाता. मैं रोज दो हजार लोगों के साथ फोटो खिंचवाता हूं. सिर्फ फोटो देखकर फैसला देना गलत है. अगर आगे कुछ है तो जांच एजेंसियां अपना काम करेंगी.'' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे न तो किसी पक्ष में हैं और न किसी आरोपी की पैरवी कर रहे हैं. उन्होंने कहा,''मैं न केस डायरी पढ़ रहा हूं, न विवेचना कर रहा हूं. लेकिन केवल फोटो पर किसी को अपराधी बताना उचित नहीं है.''

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