राजनीति की, चुनाव में टिकट भी चाह रहे थे... कुछ ऐसा है योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले GST अधिकारी का सफर

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दोनों अधिकारियों के इस्तीफे से नया सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
अयोध्या के GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य के कथित अपमान और UGC के नियमों को लेकर अधिकारियों के इस्तीफे का विवाद शुरू हुआ.
  • अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दिया.
  • प्रशांत सिंह का जन्म मऊ में हुआ, उन्होंने वाराणसी से स्नातक और आजमगढ़ से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मऊ/अयोध्या:

UP Officers Resign Row: शंकराचार्य के कथित अपमान और UGC के नए नियमों पर मचे बवाल के बीच मंगलवार को UP में इस्तीफा VS इस्तीफा का मामला सामने आया. सोमवार को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दोनों अधिकारियों के इस्तीफे से नया सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है. यह बवाल कहां थमेगा अभी इसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी अधिकारी से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई है.  

मऊ में जन्म, बनारस से प्राप्त की उच्च शिक्षा

सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी अधिकारी प्रशांत कुमार, पुत्र त्रिपुरारी सिंह, का जन्म 28 अक्टूबर 1978 को मऊ जनपद के सरवां गांव में हुआ. प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने जीवन राम इंटर कॉलेज से हाई स्कूल तक पूरी की. इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई विद्युत परिषद स्कूल, टांडा से की. उच्च शिक्षा के लिए वह वाराणसी गए, जहां उदय प्रताप महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. 

2008-13 तक चलाया कोचिंग संस्थान

आगे चलकर आजमगढ़ से एलएलबी (सिविल) की पढ़ाई पूरी की. प्रशासनिक सेवा में उनका चयन वर्ष 2013 में हुआ और डिप्टी कमिश्नर के पद पर उनकी पहली तैनाती सहारनपुर में रही. शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2008 में उन्होंने मऊ जिले के निजामुद्दीनपुरा क्षेत्र में कोचिंग संस्थान की शुरुआत की, जो 2013 तक सफलतापूर्वक संचालित हुआ. छात्र जीवन से ही वह बच्चों को पढ़ाने और समाजसेवा से जुड़े रहे. राजनीतिक क्षेत्र में भी प्रशांत कुमार की सक्रियता रही है. 

अमर सिंह की पार्टी से जुड़े, जिलाध्यक्ष भी रहे

कोचिंग संचालन के दौरान प्रशांत सिंह अमर सिंह की पार्टी से जुड़े और राष्ट्रीय लोक मंच पार्टी के गठन (2010–11) के समय जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई. अमर सिंह के करीबी माने जाने वाले प्रशांत कुमार 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए भी प्रयासरत रहे. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली.  

प्रशांत सिंह पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र पर नौकरी लेने का आरोप

मंगलवार को रोते हुए अपने पद से इस्तीफा देने वाले अयोध्या के GST अधिकारी प्रशांत सिंह मूल रूप से मऊ के रहने वाले हैं. नौकरी में आने से पहले प्रशांत सिंह राजनीति में भी रहे चुके हैं. चर्चा है कि उन्होंने पिछले चुनावों में टिकट पाने की भी कोशिश की थी. साथ ही उनके नौकरी को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि प्रशांत सिंह ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की. इसकी शिकायत भी की गई थी. जिस मामले में जांच चल रही रही है.

सरकारी सूत्रों में दावा- जांच में गलत निकला था फर्जी प्रमाण पत्र का दावा

हालांकि अयोध्या के सरकारी सूत्रों का दावा है कि डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह के भाई की शिकायत पर फ़र्ज़ी विकलांगता सर्टिफिकेट मामले में प्रशासन ने जांच कराई और जांच में विश्वदीप सिंह के आरोप ग़लत पाए गए थे. विश्वदीप सिंह के अपने भाई प्रशांत सिंह पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले में जांच चल रही है. सूत्र ये भी बता रहे हैं कि दोनों भाइयों के लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है. स्थिति ये है कि कुछ दिन पहले प्रशांत सिंह ने अपने भाई विश्वदीप सिंह पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था.

Advertisement

मऊ स्थित प्रशांत सिंह का घर.

बहन गोरखपुर में तहसीलदार, दूसरा भाई लखनऊ में 

पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो वह दो भाइयों और एक बहन के परिवार से हैं. उनकी बहन गोरखपुर मंडल में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं. बड़े भाई लखनऊ में रहते हैं और बच्चों को पढ़ाने का कार्य करते हैं. पिता बिजली विभाग से बाबू के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. माता-पिता कभी गांव तो कभी लखनऊ में बड़े बेटे के पास रहते हैं. वर्तमान में वे कुशीनगर के हाटा में अपनी बेटी के यहां खिचड़ी ले कर गए हुए हैं.

पैतृक गांव से बना है प्रशांत कुमार का संपर्क

गांव वालों के अनुसार प्रशांत कुमार अक्सर अपने पैतृक गांव आते-जाते रहते हैं और सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं. उनके चचेरे भाई मोनू सिंह बताते हैं कि पैतृक संपत्ति और गांव से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी वह संभालते हैं. बचपन से ही प्रशांत पढ़ाई में मेधावी रहे और साथ-साथ कोचिंग चलाकर छात्रों का मार्गदर्शन करते रहे.

 

Advertisement

प्रशांत के घर के बाहर खड़ी सरकारी गाड़ी.

इस्तीफे को लेकर प्रशांत के परिवार में आश्चर्य का माहौल

इस्तीफे को लेकर परिवार में भी आश्चर्य का माहौल है. उनके चचेरे भाई के अनुसार, शाम के समय उन्हें इस्तीफे की जानकारी मिली, लेकिन अभी तक प्रशांत कुमार से इस विषय में सीधी बातचीत नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि “उनके मन में क्या था और किस कारण से उन्होंने इस्तीफा दिया, यह फिलहाल हमें भी स्पष्ट नहीं है. बात होने पर ही स्थिति साफ हो पाएगी.” प्रशांत के इस कदम का आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक परिदृश्य में क्या रंग लाएगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.

यह भी पढ़ें - पीएम मोदी और सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह हैं कौन? 

Featured Video Of The Day
UGC Protest Latest Update: अगड़ा बनाम पिछड़ा, UGC पर बवाल तगड़ा! | UGC Protest | Student Protest | UP