- जमीन खरीद में घिरे मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव के बचाव में अखिलेश यादव उतरे
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया
- अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव पहले रियल एस्टेट का काम करते थे क्या बीजेपी ये नहीं जानती थी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम उज्जैन में कथित भूमि खरीद मामले में उछाला जा रहा है. कांग्रेस ने मंगलवार को उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को 'महाकाल की जमीन की लूट' करार देते हुए सीएम मोहन यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग उठाई थी. सपा मुखिया अखिलेश यादव अब उनके बचाव में उतरे हैं. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी ने मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश रची है. अगर मोहन यादव पर ये आरोप हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी 300-600 एकड़ जमीन हासिल की है.
मोहन यादव पहले रियल एस्टेट का काम करते थे
अखिलेश ने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है. मोहन यादव पहले रियल एस्टेट का काम करते थे. क्या वाकई बीजेपी को ये नहीं पता? उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सीएम पर ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि बीजेपी तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता तलाश रही है. बीजेपी तीन मुख्यमंत्रियों को बदलना चाहती है, इसीलिए आरोप लगा रही है.
बीजेपी पर लगाया 3 सीएम बदलने का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना चाहती है. इसके पीछे की वजह ये है कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना चाहते हैं. यह उनको हटाने की साजिश है. सपा नेता ने कहा कि उन्होंने सेचा है कि पहले मध्यप्रदेश और राजस्थान का सीएम हटा दो साथ ही यूपी का भी हटा दो. लेकिन यूपी की जनता जानती है कि ये हटाए ना हटाए लेकिन इस बार साइकिल इतनी तेज चलेगी कि सरकार अपने आप हट जाएगी.
रजिस्ट्री के समय तो जमीन खरीद का पता चला ही होगा
रिपोर्टर ने जब सवाल किया कि मोहन यादव के परिजनों और रिश्तेदारों ने 168 एकड़ जमीन खरीदी है. इस, पर अखिलेश ने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए ये बीजेपी ने साजिश रची है. आप लोग समझते नहीं बात को. उन्होंने कोई जमीन खरीदी है ये कोई नई बात नहीं है. वे पहले रियल स्टेट का काम करते थे. क्या बीजेपी ये नहीं जानती थी.फिर अब ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्यों कि तीन मुख्यमंत्री बदलने का रास्ता ढूंढ रही है. इसीलिए ऐसे आरोप लगवा रही है. जब रजिस्ट्री हुई होगी तब भी तो जमीन खरीद की बात पता चली होगी.क्या बिना रजिस्ट्री कोई जमीन खरीद सकता है.
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