बदायूं जिले के गांव सैजनी में एचपीसीएल प्लांट में डीजीएम व डिप्टी मैनजर की हत्या के बाद प्रशासन ने आरोपी अजय प्रताप पर सख्त कार्रवाई की है. अवैध अतिक्रमण कर बनाई गई उसकी छह दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया, जबकि अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई जारी है.
12 मार्च को एचपीसीएल प्लांट के अंदर डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ गया है. आरोपी अजय प्रताप सिंह ने अपने गांव सैजनी में अतिक्रमण कर बनाई गई छह दुकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान राजस्व, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने एसडीएम धर्मेंद्र सिंह व सीओ केके तिवारी ने मौके पर मौजूद रह कर बुलडोजर चलवाया.
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप की स्थिति बनी रही. प्रशासन की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही. आरोपी के ताऊ की दुकानों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. फिलहाल इन दुकानों से सामान बाहर निकलवाया जा रहा है और जल्द ही इन्हें भी बुलडोजर से गिराने की तैयारी है. इसके अलावा गांव के बाहर चौराहे पर बनी अजय प्रताप की अन्य दुकानों को भी प्रशासन ने चिह्नित कर लिया है, जिन पर अगली कार्रवाई तय मानी जा रही है.
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