Assistant Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले की मंगलवार यानी कल 19 मई को 31वीं सुनवाई होनी है, सुप्रीम कोर्ट में मामले की उचित पैरवी की मांग करते हुए सोमवार को अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास घेराव किया. शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास कड़ी धूप में रेंगते हुए पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सही तरीके से पैरवी की मांग की है.
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अनोखा प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों OBC और SC शिक्षक अभ्यर्थी शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को लखनऊ के गौतमपल्ली स्तिथि मॉल एवेन्यू इलाके मे बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पीड़ित अभ्यर्थी सड़क पर रेंगते हुए पहुंचे. अनोखा प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों में OBC और SC शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हैं. अपनी मांगों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर अभ्यर्थी ज़मीन पर दंडवत्त करते हुए मंत्री के आवास पर पहुंचे और अपनी जल्द नियुक्ति की मांग की.
2018 से लटकी टीचर भर्ती में नियुक्ति पत्र के लिए संघर्ष कर रहे है अभ्यर्थी
दरअसल, कल सुप्रीम में मामली की अगली सुनवाई होनी है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार अपना सरकारी अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट भेजे और अपना पक्ष रखे ताकि उनका कोर्ट से रास्ता साफ हो सके और फिर सरकार अपना फैसला लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र दे सके. उनका कहना है कि ये सभी अभ्यर्थी 2018 से लटकी भर्ती से अब तक संघर्ष कर रहे है ताकि इन सभी को नियुक्तियां मिल सके.
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अभ्यर्थियों का आरोप, सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले की ढीली पैरवी कर रही है
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले की ढीली पैरवी कर रही है और सरकार के मुख्य वकील समय पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं. सुनवाई से ठीक एक दिन पहले 18 मई 2026 को भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया और न्याय की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट सही पैरवी की डिमांड की है.
सुनवाई पर राज्य के हजारों शिक्षकों व प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों का भविष्य टिका है
उल्लेखनीय है सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच के उस फैसले पर रोक लगा रखी है, जिसने पूरी चयन सूची को रद्द करके 3 महीने में नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया था. 19 मई 2026 को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की 31वीं सुनवाई पर राज्य के हजारों शिक्षकों और प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों का भविष्य टिका हुआ है.
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