एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल खत्म हो जाए या गाड़ी पंचर हो जाए तो क्या करें? जानिए तुरंत मदद पाने का आसान तरीका

What happens if you run out of fuel on the expressway: अगर एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर बीच रास्ते पेट्रोल खत्म हो जाए, गाड़ी पंचर हो जाए या खराब हो जाए, तो घबराहट होना स्वाभाविक है. इस स्थिति में सबसे पहला सवाल यही है अब क्या किया जाए? यहां हम आपको इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं.

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एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल खत्म हो जाए या गाड़ी पंचर हो जाए तो क्या करें?

What happens if you run out of fuel on the expressway: लंबे सफर पर निकलते समय हम होटल, रास्ता और जरूरी सामान तो प्लान कर लेते हैं, लेकिन कई बार पेट्रोल या गाड़ी की हालत पर पूरा ध्यान देना भूल जाते हैं. अब, शहर में तो हर थोड़ी दूरी पर पेट्रोल पंप या मकेनिक की दुकान मिल जाता है, लेकिन एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर ऐसा नहीं होता. ऐसे में अगर बीच रास्ते पेट्रोल खत्म हो जाए, गाड़ी पंचर हो जाए या खराब हो जाए, तो घबराहट होना स्वाभाविक है. इस स्थिति में सबसे पहला सवाल यही है अब क्या किया जाए? यहां हम आपको इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं. 

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एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल खत्म हो जाए या गाड़ी पंचर हो जाए तो क्या करें?

अगर आपकी कार या बाइक का नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल खत्म होने से रुक जाए, तो सबसे पहले गाड़ी को सड़क के किनारे सुरक्षित जगह पर खड़ा करें और हैजार्ड लाइट ऑन कर दें. इसके बाद NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करें. यह नंबर खासतौर पर हाईवे पर इमरजेंसी के लिए बनाया गया है.

1033 पर कॉल करने से क्या-क्या मदद मिलती है?

इस नंबर पर कॉल करने के बाद कंट्रोल रूम आपकी लोकेशन ट्रेस करता है और नजदीकी पेट्रोलिंग टीम या रेस्क्यू वैन को भेजता है. अगर पेट्रोल खत्म हुआ है, तो मौके पर ही करीब 5 से 10 लीटर पेट्रोल या डीजल पहुंचा दिया जाता है. आपको सिर्फ ईंधन की कीमत देनी होती है, सर्विस का कोई चार्ज नहीं लिया जाता है. इसके अलावा पंचर, गाड़ी खराब होने, एक्सीडेंट या मेडिकल इमरजेंसी में भी यही नंबर काम आता है.

अगर आपकी गाड़ी खराब हो जाए, तो 1033 पर कॉल करके मैकेनिक और क्रेन भी मंगाई जा सकती है. मैकेनिक बुलाने की सुविधा फ्री होती है, लेकिन रिपेयर का खर्च देना पड़ता है. अगर गाड़ी तुरंत ठीक नहीं हो पाती, तो क्रेन से उसे नजदीकी सर्विस सेंटर तक पहुंचा दिया जाता है.

टोल स्लिप भी आती है काम

ध्यान रखें कि आपने आखिरी कौन-सा टोल प्लाजा पार किया है. टोल स्लिप के नीचे एक इमरजेंसी नंबर लिखा होता है. उस नंबर पर कॉल करने पर भी लगभग 15 मिनट के अंदर मदद पहुंच जाती है, वो भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के.

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मेडिकल इमरजेंसी में या मोबाइल नेटवर्क न हो तो क्या करें?
  • अगर सफर के दौरान किसी की तबीयत बिगड़ जाए, तो आप 8577051000 या 7237999911 पर कॉल कर सकते हैं. ये NHAI की एंबुलेंस सेवाएं हैं, जो आमतौर पर 10 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जाती हैं. एंबुलेंस की सुविधा पूरी तरह फ्री होती है.
  • वहीं, अगर कहीं मोबाइल नेटवर्क न मिले, तो पास के टोल प्लाजा पर बने इमरजेंसी फोन बूथ का इस्तेमाल किया जा सकता है.

इस तरह एक्सप्रेसवे पर किसी भी इमरजेंसी में घबराने की जरूरत नहीं है. बस 1033 और जरूरी नंबर अपने फोन में सेव रखें. सही जानकारी होने से आपका सफर सुरक्षित और तनावमुक्त बना रह सकता है.

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