PF और PPF में क्या अंतर होता है? PPF के क्या फायदे हैं और PPF अकाउंट कैसे खोलें, जानें अपने मतलब की बात

अगर आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा भविष्य के लिए बचाना चाहते हैं, तो PF और PPF जैसे नाम आपने जरूर सुने होंगे. आइए जानते हैं PF और PPF के बीच क्या अंतर होता है, साथ ही जानेंगे आप अपना PPF अकाउंट कैसे खोल सकते हैं-

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PPF अकाउंट क्या होता है और इसे कैसे खोल सकते हैं? यहां जानें

भविष्य के लिए बचत करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है. अब इसके लिए आपने PF और PPF जैसे नाम आपने जरूर सुने होंगे. हालांकि, अधिकतर लोग केवल PF के बारे में ही जानते हैं, तो कई लोग PF और PPF को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों योजनाओं में बड़ा अंतर है. अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. आइए जानते हैं आखिर PF और PPF में क्या फर्क है, साथ ही जानेंगे कौन-सी योजना नौकरीपेशा लोगों के लिए ज्यादा बेहतर हो सकती है-

क्या होता है PF?

PF यानी प्रोविडेंट फंड एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जो नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए होती है. इसमें हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक तय रकम कटती है और उतनी ही राशि कंपनी भी जमा करती है. यह पैसा कर्मचारी के भविष्य और रिटायरमेंट के लिए जमा होता रहता है.

क्या होता है PPF?

वहीं, PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी बचत योजना है. इसमें कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है. चाहे वह नौकरी करता हो, खुद का कारोबार करता हो या फिर उसकी कोई नियमित आय न हो. PPF खाते में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं.

PF और PPF में क्या फर्क है?

PF और PPF दोनों बचत योजनाएं हैं, लेकिन इनके नियम अलग-अलग हैं. जैसे- 

  • PF केवल नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए होता है और यह उनकी नौकरी से जुड़ा होता है. दूसरी ओर PPF में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है. 
  • PF में हर महीने कर्मचारी की सैलरी से एक तय राशि अपने आप कट जाती है. इसमें नियोक्ता यानी कंपनी भी योगदान देती है. जबकि PPF में निवेश पूरी तरह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है. आप साल में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं.
  • PF में कंपनी भी योगदान देती है, जबकि PPF में केवल खाताधारक ही निवेश करता है. 
  • PF खाते को नौकरी बदलने पर ट्रांसफर किया जा सकता है, जबकि PPF पूरी तरह व्यक्तिगत खाता होता है. PPF की लॉक-इन अवधि 15 साल होती है, साथ ही PPF खाते पर लोन भी लिया जा सकता है.
PPF के क्या फायदे हैं?

PPF का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें निवेश करने की कोई मासिक बाध्यता नहीं होती. आप अपनी क्षमता के अनुसार पैसा जमा कर सकते हैं. इसके अलावा यह पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली योजना है. PPF को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का दर्जा मिला हुआ है. इसका मतलब है कि जमा की गई राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स फ्री रहती है.

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ऐसे में PPF उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन है जो लंबे समय के लिए सुरक्षित और टैक्स फ्री निवेश करना चाहते हैं. अपनी आय, जरूरत और भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए आप इसमें निवेश कर सकते हैं.

PPF अकाउंट कैसे खोलें? 

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) अकाउंट आज के समय में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से खोला जा सकता है. अगर आपका किसी अधिकृत बैंक में सेविंग्स अकाउंट है, तो आप घर बैठे ही PPF अकाउंट खोल सकते हैं. इसके लिए- 

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  • अपने सेविंग्स अकाउंट की इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप (जैसे YONO SBI, HDFC NetBanking आदि) में लॉग इन करें.
  • 'Investments', 'Government Schemes' या 'PPF Account Opening' सेक्शन में जाएं.
  • यहां PAN, पता, बैंक शाखा की जानकारी और नॉमिनी विवरण दर्ज करें.
  • इसके बाद आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP के माध्यम से सत्यापन पूरा करें.
  • इतना करते ही आपका PPF अकाउंट खुल जाएगा. अकाउंट सक्रिय करने के लिए आपको शुरुआती राशि जमा करनी होगी. 
ऑफलाइन PPF अकाउंट खोलने का तरीका
  • किसी अधिकृत बैंक शाखा या डाकघर में जाएं जहां आपका सेविंग्स अकाउंट हो.
  • यहां PPF अकाउंट खोलने के लिए आपको 'Form A' लेना होगा. इसमें पूछी गई सभी जरूरी जानकारी भरें.
  • इसके बाद बैंक कर्मी को आवश्यक दस्तावेज जैसे PAN कार्ड, पता प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस), पासपोर्ट साइज फोटो, नॉमिनी का नाम, पता और हिस्सेदारी प्रतिशत (Form E के अनुसार) दें. 
  • नकद या चेक के माध्यम से शुरुआती राशि जमा करें.
  • दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आपको PPF अकाउंट नंबर सहित पासबुक मिल जाएगी.

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