Lease और Rent Agreement में क्या अंतर होता है? साइन करने से पहले पता होनी चाहिए ये जरूरी बातें

Lease Agreement Vs. Rental Agreement: ज्यादातर लोग लीज एग्रीमेंट और रेंट एग्रीमेंट को एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत में दोनों में बड़ा फर्क होता है. अगर बिना समझे एग्रीमेंट साइन कर दिया जाए, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं लीज और रेंट एग्रीमेंट मे फर्क होता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Lease और Rent Agreement में क्या अंतर होता है?

Lease Agreement Vs. Rental Agreement: कोई घर या दुकान किराए पर लेते समय लोग अक्सर दो शब्द जरूर सुनते हैं- लीज एग्रीमेंट और रेंट एग्रीमेंट. अब, ज्यादातर लोग इन्हें एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत में दोनों में बड़ा फर्क होता है. अगर बिना समझे एग्रीमेंट साइन कर दिया जाए, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसलिए साइन करने से पहले इनका अंतर जानना बहुत जरूरी है. यहां हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं लीज और रेंट एग्रीमेंट मे फर्क होता है.

पहला घर खरीदते समय बिल्कुल न करें ये 5 गलतियां, दो गुना बढ़ जाएगा जेब पर बोझ, जानें बिना वजह के खर्च से कैसे बचें

एग्रीमेंट की अवधि (Duration)

लीज एग्रीमेंट आमतौर पर लंबे समय के लिए होता है. यह 12 महीने, 3 साल या उससे ज्यादा समय के लिए भी हो सकता है. साथ ही इस दौरान किराया और शर्तें भी तय रहती हैं. वहीं, रेंट एग्रीमेंट छोटी अवधि के लिए होता है, भारत में यह ज्यादातर 11 महीने का बनाया जाता है. इसे आसानी से रिन्यू या खत्म किया जा सकता है. 

फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility)

लीज एग्रीमेंट अगर एक बार साइन हो गया, तो किराया या शर्तें बदलना आसान नहीं होता है. इसके लिए मकान मालिक और किराएदार दोनों की लिखित सहमति जरूरी होती है. वहीं, रेंट एग्रीमेंट ज्यादा फ्लेक्सिबल होता है. हर रिन्यूअल पर किराया या शर्तें बदली जा सकती हैं, इसलिए यह कम समय के लिए रहने वालों के लिए बेहतर होता है.

कानूनी मजबूती और रजिस्ट्रेशन

अगर लीज एग्रीमेंट 12 महीने से ज्यादा का है, तो उसका रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है. इससे यह कानूनी तौर पर ज्यादा मजबूत बन जाता है. हालांकि, इसमें स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का खर्च भी ज्यादा होता है. वहीं, रेंट एग्रीमेंट 11 महीने तक का हो तो आमतौर पर रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होता है. यह बनवाना सस्ता और आसान होता है, लेकिन इसमें कानूनी सुरक्षा थोड़ी कम होती है.

किराया और पैसों की प्लानिंग

लीज एग्रीमेंट में पूरे समय के लिए किराया तय रहता है. इससे किराएदार को यह चिंता नहीं रहती कि अचानक किराया बढ़ जाएगा. दूसरी ओर रेंट एग्रीमेंट में हर रिन्यूअल पर किराया बढ़ सकता है, जिससे भविष्य का खर्च थोड़ा अनिश्चित रहता है.

Advertisement
एग्रीमेंट खत्म करने के नियम

लीज एग्रीमेंट बीच में खत्म करना मुश्किल होता है और कई बार जुर्माना भी देना पड़ता है. वहीं, रेंट एग्रीमेंट में आमतौर पर 30 दिन का नोटिस देकर घर छोड़ा जा सकता है.

तो क्या है ज्यादा बेहतर?

अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह रहना चाहते हैं, तो लीज एग्रीमेंट बेहतर है. लेकिन अगर आपकी नौकरी या प्लान बदल सकते हैं, तो रेंट एग्रीमेंट ज्यादा सही रहेगा. साइन करने से पहले शर्तें ध्यान से पढ़ें और जरूरत हो तो किसी जानकार से सलाह जरूर लें.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Delhi Schools Receive Threat: 9 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी | Top News | Delhi Police
Topics mentioned in this article