UP News: उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए 15 अप्रैल से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है. अब बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाले वाहनों को प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं मिलेगा. सरकार के इस फैसले का मकसद नियमों का सख्ती से पालन कराना और फर्जी नंबर प्लेट पर रोक लगाना है.
क्या है नया नियम?
परिवहन विभाग ने PUC पोर्टल को HSRP डाटा से जोड़ दिया है. इसका मतलब है कि अगर आपके वाहन में HSRP नहीं लगी है, तो आपको प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा. ऐसे में वाहन चलाना नियमों के खिलाफ माना जाएगा.
अगर कोई वाहन मालिक बिना PUC के पकड़ा जाता है, तो उसे 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा. वहीं, HSRP न होने पर 5,000 रुपये का अलग चालान कटेगा. यानी दोनों नियम तोड़ने पर कुल 15,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.
कितने वाहन अभी भी बिना HSRP?राज्य में 1 अप्रैल 2019 के बाद रजिस्टर्ड सभी वाहनों में HSRP लग चुकी है, लेकिन इससे पहले के करीब 3 करोड़ वाहनों में से लगभग 2 करोड़ में अभी भी यह प्लेट नहीं लगी है. खासकर ग्रामीण इलाकों में दोपहिया वाहनों में इसकी कमी ज्यादा देखी जा रही है.
HSRP एक खास एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें अशोक चक्र का होलोग्राम और 10 अंकों का यूनिक लेजर कोड होता है. इसमें वाहन की जरूरी जानकारी जैसे इंजन और चेसिस नंबर सुरक्षित रूप से दर्ज होते हैं. इससे चोरी और फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलती है.
HSRP लगवाने के लिए वाहन मालिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए वाहन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी. इसके बाद नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का विकल्प चुन सकते हैं. दोपहिया के लिए लगभग 400 रुपये और चारपहिया के लिए करीब 1100 रुपये फीस तय है.
ऐसे में अगर आपके वाहन में भी अभी तक HSRP नहीं लगी है, तो आज ही इसके लिए आवेदन कर दें. वरना भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.














