PNG Safety Tips: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत में एलपीजी गैस की किल्लत की समस्या देखने को मिल रही है. सरकार ने एलपीजी पाने के लिए कई नियमों में भी बदलाव किया है. एलपीजी कमी के बीच पीएनजी गैस कनेक्शन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. सरकार भी लोगों से पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील कर रही है और लोग पीएनजी कनेक्शन ले भी रहे हैं, लेकिन पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद इंस्टॉलेशन से उपयोग तक कुछ जरूरी बातों का ध्यान आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो. चलिए आपको बताते हैं?
सही इंस्टॉलेशन और जगह
मीटर और पाइपलाइन को ऐसी जगह लगवाना चाहिए, जहां यह सुरक्षित रहे और किसी तरह की क्षति न हो. इसे रसोई में उचित वेंटिलेशन वाली जगह पर लगवाएं.
सुरक्षित वेंटिलेशन
यह सुनिश्चित करें कि किचन में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो, ताकि अगर थोड़ी गैस लीक हो, तो वह बाहर निकल जाए.
नोजल बदलवानाएलपीजी और PNG के प्रेशर में फर्क होता है, इसलिए पुराने चूल्हे पर गैस सही तरीके से नहीं जलती. इस कारण नोजल बदलवाना जरूरी होता है. ऐसे में चूल्हे को PNG के अनुसार अपडेट करें.
हमेशा एक मेन वाल्व होना चाहिए, जिसे आप उपयोग के बाद आसानी से बंद कर सकें. खाना बनाने के बाद इसे बंद करना एक अच्छी आदत है.
लीकेज की जांचसमय-समय पर पाइप और कनेक्शन के जोड़ों पर साबुन के घोल से जांच करते रहें. अगर बुलबुले बनते हैं, तो यह लीकेज का संकेत हो सकता है. इसके साथ ही इंस्टॉलेशन या कोई भी मरम्मत का काम केवल स्थानीय गैस प्रदाता जैसे IGL, MGL के अधिकृत तकनीशियनों से ही करवाएं.
सुरक्षा के लिहाज से गैस लीक डिटेक्टर लगवाना भी जरूरी है. यह छोटा सा अलार्म किसी भी संभावित लीकेज की तुरंत जानकारी देता है और बड़े हादसे को टाल सकता है.
यह भी पढ़ें:- AC Buying Guide: गर्मी से मिलेगी राहत और बिजली बिल भी होगा कम, नया AC लेने से पहले जरूर करें ये चीजें चेक














