PM Rahat Scheme: 'पीएम राहत' स्कीम लॉन्च, सड़क हादसों में 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, जानिए कब और कैसे मिलेगा लाभ

PM Rahat Scheme: PM RAHAT योजना के तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जाएगा. यह सुविधा हादसे की तारीख से 7 दिनों तक उपलब्ध रहती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पीएम राहत स्कीम
file photo

PM Rahat Scheme: सरकार ने PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment) नाम की एक नई योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य सड़क हादसे में घायल लोगों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है. इस योजना का मकसद यह है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी घायल व्यक्ति का तुरंत इलाज न रुक जाए, खासकर “Golden Hour” के दौरान, Golden Hour वह पहला एक घंटा होता है जब हादसे के बाद जल्दी इलाज मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.

यह भी पढ़ें:- PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है? 26 लाख से ज्यादा परिवारों को मिला फायदा, जानिए फायदे और कैसे करें अप्लाई 

PM Rahat Scheme: योजना कवरेज और फायदे

PM RAHAT योजना के तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जाएगा. यह सुविधा हादसे की तारीख से 7 दिनों तक उपलब्ध रहती है. यह फायदा किसी भी जगह हुए हादसे पर लागू होता है, चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य सड़क या शहर की सड़क हो. अगर चोट जानलेवा नहीं है, तो मरीज को 24 घंटे तक इलाज और स्थिर करने की सुविधा मिलेगी. अगर चोट जानलेवा है, तो यह इलाज 48 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है. यह सब एक डिजिटल सिस्टम के ज़रिए जांच और सत्यापन के बाद तय होगा.

PM Rahat Scheme: योजना को 112 से जोड़ा गया

PM RAHAT योजना को Emergency Response Support System (ERSS) 112 से जोड़ा गया है. अगर सड़क हादसा होता है, तो पीड़ित, राहगीर या Good Samaritan (Rah-Veer) 112 पर कॉल कर सकते हैं. 112 पर कॉल करने से नजदीकी सरकारी या निर्धारित अस्पताल की जानकारी मिलती है. तुरंत एंबुलेंस भेजने का अनुरोध किया जा सकता है. पुलिस, एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच समन्वय बेहतर होता है और घायल व्यक्ति को जितनी जल्दी हो सके इलाज मिल सके इसका इंतजाम होता है.

Advertisement
PM RAHAT योजना: अस्पतालों को भुगतान कैसे होगा

PM RAHAT योजना के तहत सड़क हादसे के मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को पैसा Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) की ओर से दिया जाएगा. अगर, दुर्घटना में शामिल वाहन इंश्योर्ड (बीमित) है, तो इलाज का खर्च इंश्योरेंस कंपनियां देंगी. अगर, वाहन बिना बीमा है या हिट‑एंड‑रन का मामला है, तो इलाज का खर्च सरकार अपने बजट से उठाएगी. इस तरह मरीज को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा नहीं देना पड़ेगा और अस्पताल को भी समय पर भुगतान मिल जाएगा.

Featured Video Of The Day
Middle East War: क्या Iran करेगा Ukraine पर मिसाइल हमला? Israel Drone War में Zelensky की एंट्री
Topics mentioned in this article