PM Kisan Yojana: देश में किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं. इनमें सबसे लोकप्रिय योजना पीएम किसान सम्मान निधि है, जिसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है. यह रकम एक साथ नहीं बल्कि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है. यानी हर चार महीने के अंतराल पर किसानों को 2,000 रुपये मिलते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कई राज्य सरकारें भी अपनी अलग योजनाओं के जरिए किसानों को नकद सहायता दे रही हैं. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ योजनाओं के बारे में-
कई राज्य सरकारों ने किसानों की मदद के लिए अपनी अलग योजनाएं शुरू की हैं. जैसे-
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मध्य प्रदेश की किसान कल्याण योजना
मध्य प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना चला रही है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों को हर साल 6000 रुपये दिए जाते हैं. यह राशि भी तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. इससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में कुछ राहत मिलती है.
ओडिशा की कालिया योजनाओडिशा में कालिया योजना के जरिए किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक मदद दी जाती है. इस योजना के तहत किसानों को सालाना 10,000 रुपये मिलते हैं. वहीं, भूमिहीन कृषि मजदूरों को 12,500 रुपये तक की सहायता दी जाती है. इस पैसे का इस्तेमाल छोटे व्यवसाय शुरू करने जैसे मुर्गी पालन, बकरी पालन या मशरूम उत्पादन के लिए किया जा सकता है.
आंध्र प्रदेश सरकार भी किसानों के लिए अन्नदाता सुखीभव योजना चला रही है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल लगभग 14,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि अलग-अलग किस्तों में दी जाती है ताकि किसानों को खेती के समय आर्थिक मदद मिल सके.
तेलंगाना की रायथु भरोसा योजनातेलंगाना सरकार रायथु भरोसा योजना चला रही है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि दो किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है.
गौरतलब है कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है और कई बार किसानों को समय पर पैसे की जरूरत होती है. ऐसे में ये योजनाएं किसानों को बीज, खाद और अन्य खेती के खर्च पूरे करने में मदद करती हैं. साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाती हैं.














