PM Kisan Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM‑Kisan) योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 तीन किस्तों में मिलता है. अब 2026 की 22वीं किस्त आने वाली है. हालांकि, 21वीं किस्त किसानों के खाते में 19 नवंबर, 2025 को जारी हुई थी और अब 22वीं किस्त का इंतजार है. कृषि मंत्रालय ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और भुगतान प्रक्रिया तैयार है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22वीं किस्त होली से पहले जारी हो सकती है, लेकिन किस्त जारी होने के पहले लाखों किसानों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं. चलिए आपको बताते हैं कहीं आपका नाम भी लिस्ट से नहीं हटा दिया गया और सरकार किसानों के नाम क्यों हटा रही है.
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लाखों किसानों का नाम कटा
PM किसान योजना 22वीं किस्त जारी होने से ठीक पहले केंद्र सरकार ने लाभार्थियों के दस्तावेजों की फिर से जांच (re-verification) शुरू कर दी है. इस जांच में पाया गया कि लाखों किसानों ने योजना की नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उनके नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए गए हैं.
अगर आप भी इस योजना के तहत हर साल मिलने वाले 6,000 का लाभ ले रहे हैं, तो यह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि आपका नाम अभी भी लाभार्थी सूची में हो. सरकार यह कदम इसलिए उठा रही है ताकि योजना का पैसा सिर्फ उन्हीं छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके योग्य हैं.
सरकार की जांच में किसानों के नाम हटाने के दो बड़े कारण सामने आए हैं. पहला जमीन के कागजों में गड़बड़ी या अस्पष्टता और दूसरा परिवार संबंधी नियमों का उल्लंघन आदि. दरअसल, कई किसानों के भूमि रिकॉर्ड में बदलाव मिला है. कुछ मामलों में जमीन का मालिकाना हक साफ नहीं था. सरकार के नए नियमों के अनुसार, जिन किसानों की जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद रजिस्टर्ड हुई है, उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच की जा रही है. अगर, तय समय में सही और साफ दस्तावेज नहीं मिलते, तो उनका नाम तुरंत लिस्ट से हटा दिया जाता है.
परिवार संबंधी नियमों का उल्लंघनइस योजना के तहत एक परिवार में सिर्फ एक व्यक्ति को ही पैसा मिल सकता है. परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे. जांच में कई ऐसे मामले मिले हैं जहां पति और पत्नी दोनों अलग-अलग किस्त ले रहे थे. ऐसे मामलों को धोखाधड़ी माना गया है. सरकार ने उनकी किस्तें रोक दी हैं और अगर गलती साबित होती है, तो पहले मिली सभी किस्तों का पैसा वापस लेने की तैयारी भी कर रही है.














