नोएडा एयरपोर्ट के पास प्लॉट खरीदने का बड़ा मौका सामने आया है. नोएडा अथॉरिटी ने नई प्लॉट स्कीम लॉन्च की है, जिसमें इंडस्ट्रियल, कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और होटल के लिए कुल 35 प्लॉट्स उपलब्ध कराए गए हैं. इस स्कीम के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 जून तय की गई है. खास बात ये है कि इस स्कीम में एक प्लॉट की कीमत 758 करोड़ रुपये तक रखी गई है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से इस इलाके में जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है और निवेशकों की नजर अब इसी क्षेत्र पर टिकी हुई है. इस स्कीम से जुड़ी जानकारी वेबसाइट नोएडा अथॉरिटी की वेबसाइट पर जाकर ले सकते हैं.
11 जून तक कर सकते हैं आवेदन
नोएडा अथॉरिटी की इस स्कीम की शुरुआत 19 मई से हुई थी. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 11 जून है. जबकि ईएमडी (Earnest Money Deposit) जमा करने की अंतिम तारीख 9 जून तय की गई है. इस योजना के तहत इंडस्ट्रियल, कमर्शियल, होटल और इंस्टीट्यूशनल इस्तेमाल के लिए प्लॉट दिए जा रहे हैं. इनमें स्कूल, अस्पताल, नर्सिंग होम और कॉर्पोरेट ऑफिस जैसी परियोजनाएं भी विकसित की जा सकती हैं.
65 लाख से 758 करोड़ तक प्लॉट की कीमत
इस स्कीम में सबसे सस्ते प्लॉट की कीमत करीब 65 लाख रुपये रखी गई है, जबकि सबसे महंगा प्लॉट सेक्टर-18 में मौजूद है. ये प्लॉट करीब 29,408 वर्ग मीटर का है और इसकी रिजर्व कीमत 758 करोड़ रुपये तय की गई है. प्लॉट्स का साइज 115 वर्ग मीटर से लेकर 8 हजार वर्ग मीटर तक रखा गया है.
किन सेक्टर्स में मिल रहे प्लॉट
इंडस्ट्रियल प्लॉट्स सेक्टर-3, 6, 7, 9, 10, 64, 80, 162 और फेज-2 में दिए जा रहे हैं. इसके अलावा बड़े और छोटे कमर्शियल प्लॉट्स भी शामिल किए गए हैं. अथॉरिटी की इस स्कीम को लेकर कारोबारियों और निवेशकों में काफी दिलचस्पी देखने को मिल रही है.
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बढ़ी जमीन की डिमांड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से ये इलाका तेजी से डेवलप हो रहा है. इसी कारण नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर के आसपास रियल एस्टेट एक्टिविटी लगातार बढ़ रही हैं.
खरीदारों और इंवेस्टर्स का इंटरेस्ट
एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, बिजनेस पार्क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के चलते इस क्षेत्र में कमर्शियल और हाउसिंग दोनों सेक्टर में तेजी देखी जा रही है. आने वाले समय में ये इलाका एनसीआर के बड़े डेवलपमेंट हब के तौर पर उभर सकता है. इसलिए निवेशकों और कारोबारियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.











