1 अक्टूबर से PUC होगा जरूरी: NCR वालों को बिना Pollution Certificate नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानिए इसे कैसे बनवाएं और कितना आएगा खर्च

1 अक्टूबर से एनसीआर में 'No PUC, No Fuel' नियम लागू होने जा रहा है. ऐसे में सभी वाहन मालिकों को समय रहते अपना PUC Certificate बनवा लेना चाहिए. आइए जानते हैं इसका तरीक-

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1 अक्टूर से NCR वालों को PUC के बिना नहीं मिलेगा डीजल-पेट्रोल
(Photo Credit: NDTV)

उत्तर प्रदेश सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. 1 अक्टूबर से एनसीआर में ऐसे वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध PUC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट नहीं होगा. न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, बीते दिन यानी बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस पी गोयल की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल बैठक में यह फैसला लिया गया. ऐसे में हर वाहन मालिक के लिए समय रहते PUC बनवाना और उसे समय-समय पर रिन्यू कराना जरूरी हो गया है.

क्या होता है PUC Certificate?

PUC यानी Pollution Under Control Certificate एक आधिकारिक दस्तावेज है, जो यह प्रमाणित करता है कि आपके वाहन से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण सरकार द्वारा तय मानकों के अंदर है. यह सर्टिफिकेट वाहन के पॉल्यूशन लेवल की जांच के बाद जारी किया जाता है. इसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, प्रदूषण जांच की रिपोर्ट और सर्टिफिकेट की वैधता (Validity) जैसी जानकारी दर्ज होती है. मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत सभी वाहनों के लिए PUC रखना जरूरी है.

किन जिलों में लागू होगा नियम?

1 अक्टूबर से एनसीआर के आठ जिलों में PUC सर्टिफिकेट के बिना वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा. इन जिलों में- 

  • गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)
  • गाजियाबाद
  • हापुड़
  • बुलंदशहर
  • मेरठ
  • मुजफ्फरनगर
  • बागपत और 
  • शामली शामिल हैं.

सरकार पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाएगी, जो बिना वैध PUC वाले वाहनों की पहचान करेंगे.

PUC कैसे बनवाएं?

PUC बनवाने का प्रोसेस काफी आसान है. आइए जानते हैं इसका स्टेप-बाय-स्टेप तरीका-

  • सबसे पहले अपने आसपास किसी अधिकृत (Authorized) प्रदूषण जांच केंद्र पर जाएं. आमतौर पर पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र होते हैं. 
  • यहां तकनीशियन वाहन के एग्जॉस्ट पाइप में एक प्रोब लगाकर प्रदूषण स्तर की जांच करेगा. 
  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), हाइड्रोकार्बन (HC) और अन्य गैसों के स्तर की जांच की जाती है.
  • अगर वाहन तय मानकों पर खरा उतरता है, तो तुरंत PUC Certificate जारी कर दिया जाता है.
  • सबसे अच्छी बात यह है कि PUC टेस्ट पूरा होने में आमतौर पर 5 से 10 मिनट का समय ही लगता है.
किन चीजों की जरूरत होगी?

PUC बनवाने के लिए आमतौर पर केवल वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और पहले के PUC (रिन्यूअल की स्थिति में) की जरूरत पड़ती है. इससे अलग से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाता है.

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कितना खर्च आएगा?
  • आमतौर पर टू-व्हीलर (पेट्रोल) वाहन के लिए PUC सर्टिफिकेट बनवाने में 50 से 70 रुपये
  • थ्री-व्हीलर के लिए 70 से 100 रुपये
  • पेट्रोल कार के लिए 90 से 120 रुपये और 
  • डीजल/CNG/LPG कार  के लिए 100 से 150 रुपये का खर्च आता है. 
PUC सर्टिफिकेट की वैधता कितनी होती है?

नई गाड़ी को मिलने वाला पहला PUC आमतौर पर एक साल के लिए वैध होता है. इसके बाद PUC को हर 6 महीने में रिन्यू कराना पड़ता है.

ऑनलाइन PUC सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करें?

अगर आपका PUC सर्टिफिकेट खो गया है, तो आप इसे ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए- 

  • Parivahan की वेबसाइट पर जाएं.
  • यहां 'PUC Certificate' ऑप्शन चुनें.
  • वाहन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी 5 अक्षर दर्ज करें.
  • कैप्चा भरकर 'PUC Details' पर क्लिक करें.
  • इतना करते ही आपका सर्टिफिकेट सामने होगा, आप इसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं. 

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