चूल्हे के लिए आ गई नई तकनीक! पानी और इथेनॉल से चलेगा स्टोव, खर्चा भी होगा कम, जानिए कैसे करेगा काम

How does Ethanol Based Stove Works: नितिन गडकरी ने नागपुर में एक आयोजित कार्यक्रम में नई इथेनॉल-आधारित स्टोव तकनीक का लॉन्च किया है. इस स्टोव को पेश करते हुए उन्होंने बताया कि इस स्टोव को इस्तेमाल करने में एलपीजी सिलेंडरों की तुलना में खाना पकाना सस्ता पड़ेगा. आइए इसके बारे में जानते हैं...

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पानी और इथेनॉल से चलेगा स्टोव!

Ethanol Based Stove: देश के कुछ हिस्सों से LPG की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य है और देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. बीते दिनों में कई लोगों को गैस बुकिंग में दिक्कत आई तो, कुछ लोगों को सिलेंडर ही उपलब्ध नहीं हुआ. इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक आयोजित कार्यक्रम में नई इथेनॉल-आधारित स्टोव तकनीक (Ethanol-Based Stove Technology) का लॉन्च किया है. इस स्टोव को पेश करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि इस स्टोव को इस्तेमाल करने में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की तुलना में खाना पकाना सस्ता पड़ेगा. साथ ही ये एनवायरमेंट फ्रेंडली भी है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

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पानी और इथेनॉल के मिश्रण से चलेगा स्टोव

इथेनॉल-आधारित स्टोव तकनीक (Ethanol-Based Stove Technology) पूरी तरह स्वदेशी है. साथ ही खास बात ये है कि इस स्टोव में इथेनॉल के साथ-साथ पानी भी मिलाया जाएगा. यानी की ये स्टोव पानी के साथ 7% इथेनॉल मिलाकर काम करता है. इन दोनों के मिश्रण से एक कुकिंग फ्लेम जलती है. LPG के मुकाबले ये सस्ता पड़ता है और किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं होता है. 

Photo Credit: pexels

कैसे काम करेगा स्टोव?

इथेनॉल कुकटॉप का फंक्शन बेहद ही आसान है.

  • इस स्टोव में एक बर्नर या फ्यूल कंटेनर होता है जिसमें इथेनॉल रखा जाता है.
  • इसके बाद इस स्टोव को जलाया जाता है जिससे फ्लेम लगातार जलती रहती है.

क्या होंगे इथेनॉल-आधारित स्टोव के फायदे

  • इथेनॉल एक अल्कोहल बेस्ड फ्यूल है जो मुख्य रूप से गन्ने से तैयार किया जाता है. 
  • नितिन गडकरी के मुताबिक इथेनॉल स्टॉप LPG स्टोव के मुताबिक काफी ज्यादा सस्ता पड़ता है जिससे होटल और घर का मासिक खर्चा कम होता है.
  • केरोसिन या बायोमास की तुलना में घर के अंदर कम प्रदूषण होता है.
  • इम्पोर्ट किए जाने वाले एलपीजी पर निर्भरता कम होती है.
  • गन्ना और मक्का उगाने वाले भारतीय किसानों को फायदा मिलता है.
  • खाना बनाने का खर्च कम हो सकता है
  • साफ तरीके से जलता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है.

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