Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह आस्था, साहस और आत्मिक शांति का अद्भुत संगम भी है. हिमालय की ऊंचाइयों में स्थित भगवान शिव का पावन धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. माना जाता है कि इस यात्रा से व्यक्ति को आत्मिक शुद्धि, पुण्य लाभ और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मार्गों के बावजूद, हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस दिव्य यात्रा पर निकलते हैं, क्योंकि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और विश्वास की परीक्षा है. कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून से अगस्त के बीच कराई जाएगी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया है कि इस साल यात्रा दो रास्तों से होगी. चलिए आपको बताते हैं कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट, शेड्यूल और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया.
कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट
- उत्तराखंड का लिपुलेख पास
- सिक्किम का नाथू ला मार्ग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बार यात्रा के लिए कुल 20 जत्थे यानी बैच बनाए गए हैं. इनमें से 10 जत्थों में 50‑50 यात्री शामिल होंगे. यह यात्रा चीन सरकार के सहयोग से आयोजित की जाएगी. मंत्रालय ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट kmy.gov.in खोल दी गई है. अब पूरी आवेदन और चयन प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है. यात्रा के इच्छुक लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा और फॉर्म भी वेबसाइट पर ही भरना होगा.
आवेदन और शिकायत के लिए ऑनलाइन सिस्टम
MEA ने साफ किया है कि किसी भी तरह के कागजी आवेदन, चिट्ठी या फैक्स भेजने की जरूरत नहीं है. आगे की सारी जानकारी और जवाब वेबसाइट के जरिए ही दिए जाएंगे. यात्रियों का चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और कंप्यूटर के जरिए रैंडम तरीके से किया जाएगा. इस प्रक्रिया में महिला‑पुरुष संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा. आवेदकों को यह सुविधा दी गई है कि वे दोनों मार्गों के लिए आवेदन कर सकते हैं और अपनी प्राथमिकता भी बता सकते हैं या फिर केवल एक ही मार्ग चुन सकते हैं. वहीं रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 19 मई तय की गई है.
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम के जरिए आवेदक अपनी शिकायत, सुझाव और सवाल सीधे पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं. इससे यात्रा की पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाई गई है. कैलाश मानसरोवर यात्रा (KMY) का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है. हर साल सैकड़ों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा पर जाते हैं. यह यात्रा हिंदुओं के लिए भगवान शिव का निवास स्थान मानी जाती है, वहीं जैन और बौद्ध धर्म में भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है. इससे पहले मार्च महीने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले 555 श्रद्धालुओं को 1 लाख की आर्थिक सहायता दी थी.














