Holi Colour Consent Law India: होली का त्योहार आते ही चारों ओर रंग‑गुलाल का माहौल बन जाता है, लेकिन इसी खुशी के बीच कुछ लोग जबरदस्ती दूसरों पर रंग लगा देते हैं, जो बिल्कुल गलत है. कानून किसी को भी यह अधिकार नहीं देता कि वह 'बुरा न मानो होली है' कहकर आपकी इच्छा के खिलाफ रंग लगाए या छेड़छाड़ करे. होली के दिन भी आपकी सुरक्षा, निजता और सम्मान की रक्षा करने वाले कानून मौजूद हैं. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति आपकी मना करने के बावजूद रंग लगाने की कोशिश करता है, आपका पीछा करता है, छेड़छाड़ करता है या जोर‑जबरदस्ती करता है, तो ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की अलग-अलग धाराएं तुरंत लागू हो सकती हैं. इसी मुद्दे पर NDTV से खास बातचीत में दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट दीपक ठुकराल ने ऐसी धाराओं के बारे में बताया है, जिसके तहत आरोपी को सजा दिलाई जा सकती है और पीड़ित को न्याय मिल सकता है. आइए जानते हैं...
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1. BNS Section 74 (जबरन रंग लगाना, छूना, गले लगाना)
भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत किसी भी महिला की इच्छा के खिलाफ उसे छूना, जबरन रंग लगाना, गले लगाना या ऐसा कोई भी कार्य करना जो उसकी मर्यादा भंग करता हो, दंडनीय अपराध माना जाता है. होली के बहाने भी अगर कोई व्यक्ति महिला के साथ जोर‑जबरदस्ती करता है, तो यह धारा सीधे लागू होती है. इस अपराध के लिए 1 साल से लेकर 5 साल तक की जेल हो सकती है और इसके साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है. एडवोकेट दीपक ठुकराल बताते हैं, कि इस मामले में पहले केस भारतीय दंड संहिता धारा 354 के तहत दर्ज किया जाता था.
2. BNS Section 75 (Sexual Harassment)
भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) के तहत बिना सहमति के किसी महिला को छूना, शारीरिक संपर्क करना, अश्लील इशारे करना, अभद्र हरकतें करना या कोई ऐसा व्यवहार करना जो उसे असहज महसूस कराए—सीधा अपराध माना जाता है. होली के मौके पर भी यदि कोई व्यक्ति जबरदस्ती करीब आने की कोशिश करे या अश्लील हरकत करे, तो यह धारा तुरंत लागू होती है. ऐसे मामलों में आरोपी को 3 साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों सजा दी जा सकती है.
3. BNS Section 79 (लज्जा भंग करना या गलत इशारे करना)
धारा 79 के तहत किसी भी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से शब्द कहना, इशारा करना या कोई कृत्य करना दंडनीय अपराध माना जाता है. होली के नाम पर अभद्र टिप्पणियां करना, गंदे इशारे करना या किसी महिला को परेशान करने वाला कोई भी व्यवहार इस धारा में आता है. ऐसे अपराध के लिए 3 साल तक की कैद और जुर्माना का प्रावधान है.
4. BNS Section 115 (2) (चोट पहुंचाना)
धारा 115 (2) के तहत किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाना, जैसे जबरदस्ती रंग लगाते समय धक्का देना, मारना या केमिकल वाले रंग से जलन, चोट या नुकसान पहुंचाना, कानूनन अपराध है. होली के बहाने अगर कोई व्यक्ति किसी को ऐसे रंगों से नुकसान पहुंचाता है जिनसे त्वचा जल सकती है या चोट लग सकती है, तो यह धारा लागू होती है. इस अपराध के लिए 1 साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है.
5. BNS Section 270 (सार्वजनिक उपद्रव)
धारा 270 के तहत सार्वजनिक उपद्रव करना दंडनीय अपराध है. होली के मौके पर सड़कों पर हंगामा करना, तेज आवाज में शोर मचाना, जबरदस्ती पानी-बाल्टी फेंकना, रास्ता रोकना या लोगों की आवाजाही में बाधा डालना, ये सभी सार्वजनिक उपद्रव की श्रेणी में आते हैं. ऐसे मामलों में कानून के अनुसार जुर्माना लगाया जाता है.
जरूरी बातें
- महिलाओं या युवतियों को रंग लगाने के लिए न कहने का अधिकार है.
- सहमति के बिना किसी को रंग गुलाल लगाना कानूनन अपराध होता है.
- मजाक है या होली है कह कर अपराध से नहीं बच सकते हैं.
- शिकायत पर तुरंत कार्यवाही का प्रावधान होता है.
- अपराध के अनुसार अपराधी की तुरंत गिरफ्तारी भी संभव है.














