महिलाओं के लिए 3 सरकारी योजनाएं, जिसमें लोन से लेकर मिलेगी बिजनेस ट्रेनिंग की सुविधा, ऐसे करें अप्लाई

Government Schemes for Women: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चलाती हैं.

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महिलाओं के लिए सरकारी योजनाएं
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Government Schemes for Women: केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए बहुत सी योजना चलाती हैं. इन योजनाओं में सरकार न सिर्फ लोन देती है, बल्कि बिजनेस ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान करती है. आज के समय में महिलाएं सिर्फ घर संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऑफिस और व्यवसाय में भी सफल हो रही हैं. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चलाती हैं. चलिए आज हम इस आर्टिकल में आपको ऐसी ही कुछ योजनाओं के बारे में बताते हैं, जो खासतौर पर महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए चलाई जा रही है.

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पीएम मुद्रा लोन योजना (PM Mudra Loan Scheme)

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) भारत सरकार की एक पहल है, जो गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु या सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक का सुरक्षित ऋण प्रदान करती है. यह योजना 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई थी. यह लोन चार कैटेगरी में बांटा गया है, शिशु लोन, किशोर लोन, तरुण लोन और तरुण प्लस आदि. इससे महिलाएं अपने व्यवसाय की शुरुआती पूंजी आसानी से जुटा सकती हैं. इस योजना के लिए आवेदन अधिकारिक वेबसाइट www.mudra.org.in पर किया जा सकता है.

शिशु- 50,000 तक का लोन

किशोर- 50,000 से अधिक और 5 लाख तक का लोन

लोन- 5 लाख से अधिक और 10 लाख तक का लोन

ब्याज दर- यह बैंकों के अनुसार भिन्न होती है और रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित की जाती है.

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister Employment Generation Programme)

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार की एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो 2008 से MSME मंत्रालय के तहत संचालित है. इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए छोटे उद्यम (micro-enterprises) शुरू करने के लिए 15% से 35% तक सब्सिडी देकर स्वरोजगार पैदा करना है. यह योजना स्थानीय लेवल पर रोजगार अवसर प्रदान करती है, जिसे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) लागू करता है.

अधिकतम परियोजना लागत- विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के लिए 50 लाख और सेवा या बिजनेस क्षेत्र के लिए 20 लाख तक की परियोजनाएं मान्य हैं.

सब्सिडी- ग्रामीण क्षेत्रों में 25-35% और शहरी क्षेत्रों में 15-25% तक सब्सिडी प्रदान की जाती है.

पात्रता- 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG) और सहकारी समितियां आवेदन कर सकते हैं. केवल नए उद्यमों के लिए ही ऋण उपलब्ध है.

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आवेदन- आवेदन PMEGP ई-पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं.

लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Scheme)

लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम सहायता और वित्तीय सहायता यानी 5 लाख तक ऋण, ब्याज छूट प्रदान करके प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख की स्थायी आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है. इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके.

पात्रता- महिला का स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना और परिवार की आय बढ़ाना अनिवार्य है.

वित्तीय सहायता- महिला उद्यमियों को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.

कौशल विकास- महिलाओं को कृषि, हस्तशिल्प, सूक्ष्म उद्यम, बैंकिंग और पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है.

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