Ghaziabad sisters Suicide Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से हाल ही में एक बेहद दुखद और डराने वाली घटना सामने आई है. टीला मोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी. पुलिस के अनुसार, तीनों बच्चियां ऑनलाइन गेम की लत का शिकार थीं. बताया जा रहा है कि गेम खेलने पर पाबंदी लगाए जाने के बाद उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया. मरने वाली बहनों की उम्र 16 साल (निशिका), 14 साल (प्राची) और 12 साल (पाखी)थी. कहा जा रहा है कि तीनों एक टास्क बेस्ड कोरियन ऑनलाइन लव गेम खेलती थीं और इसी में पूरी तरह डूब चुकी थीं. वे समय से स्कूल भी नहीं जाती थीं. इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गई है.
क्यों बढ़ रही है बच्चों में ऑनलाइन गेम की लत?
आजकल स्मार्टफोन बच्चों के हाथ में बहुत जल्दी आ जाता है. शुरुआत में गेम टाइमपास लगता है, लेकिन धीरे-धीरे बच्चे घंटों फोन में डूबे रहते हैं. जीत-हार, लेवल और टास्क का दबाव बच्चों के दिमाग पर असर डालता है. कई बच्चे असल दुनिया से कटने लगते हैं और उनमें मानसिक तनाव बढ़ने लगता है. इसलिए जरूरी है कि माता-पिता बच्चों को फोन देने से पहले कुछ जरूरी कंट्रोल फीचर्स जरूर ऑन करें.
फोन में आज ही करें ये 4 जरूरी बदलावGoogle Family Link
यह ऐप माता-पिता के लिए सबसे फायदेमंद है. इससे आप बच्चे के फोन का-
- स्क्रीन टाइम तय कर सकते हैं.
- कौन-सा ऐप कितनी देर चलेगा, कंट्रोल कर सकते हैं.
- जरूरत पड़ने पर फोन लॉक भी कर सकते हैं.
इस ऐप की मदद से फोन इस्तेमाल करने की समय सीमा तय की जा सकती है. तय समय पूरा होते ही फोन अपने आप लॉक हो जाता है, जिससे बच्चा ज्यादा देर तक गेम नहीं खेल पाता है.
यह ऐप बच्चों के लिए एक सुरक्षित मोड बनाता है. इसमें-
- सिर्फ जरूरी और चुने हुए ऐप्स ही खुलते हैं.
- गेम और सोशल मीडिया को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सकता है.
अगर बच्चा वीडियो देखता है तो यह ऐप बेहतर विकल्प है. इसमें-
- उम्र के हिसाब से सुरक्षित कंटेंट मिलता है.
- गलत या हिंसक वीडियो से बच्चे दूर रहते हैं.
टेक्नोलॉजी कंट्रोल के साथ-साथ माता-पिता का बच्चों को समय देना और उनसे बातचीत करना भी जरूरी है. बच्चों से उनका दोस्त बनकर बात करें, उनकी परेशानी समझें और फोन के अलावा दूसरी एक्टिविटी में उन्हें शामिल करें. बच्चे को फोन की लत न लगे, इसके लिए आप उन्हें अलग-अलग एक्टिविटी में बिजी कर सकते हैं. बच्चे को योगा क्लास के लिए भेज सकते हैं, इससे अलग भी उनकी रूची के मुताबिक, उन्हें अलग चीजें सिखा सकते हैं. इससे बच्चे को फोन चलाने का कम समय मिलेगा, साथ ही उसे अच्छी चीजें सिखने को भी मिलेंगी. ध्यान रखें बच्चों की ऑनलाइन दुनिया पर नजर रखना बेहद जरूरी है. सही समय पर कंट्रोल और समझदारी से बड़े हादसों को रोका जा सकता है.














